लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और एसआरएमयू के शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पेटेंट अनुदान हासिल किए हैं। खास ये कि दोनों पेटेंट भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। बीबीएयू के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो. आरए खान के नेतृत्व में हाल में डिजिटल हेल्थकेयर सूचना प्रबंधन प्रणाली और हेल्थकेयर बिग डाटा को सुरक्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के दो अनुदान मिले हैं। इस शोध टीम में बीबीएयू की डॉ. अलका, एसआरएमयू के डॉ. राजीव कुमार समेत देश-विदेश के कुल 11 शिक्षक सदस्य शामिल हैं।
पहला पेटेंट ब्लॉक चेन की मदद से बिग हेल्थ केयर डेटा को सुरक्षित रखने का है। आज के समय में डेटा की सिक्योरिटी एक बहुत बड़ा मुद्दा है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में इस समय इसका महत्व और बढ़ जाता है। वहीं दूसरा पेटेंट डिजिटल हेल्थकेयर इन्फॉर्मेशन सिस्टम में इंटरनेट ऑफ मेडिकल थिंग्स के प्रयोग से सुरक्षा से जुड़ा है। ये दोनों मुद्दे काफी महत्वपूर्ण हैं।
प्रो. खान ने बताया कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के राजस्व में हाल ही में परिवर्तन ने देश में स्वास्थ्य सेवा में कई प्रगति के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को स्मार्ट अस्पताल प्रणालियों में बदलना उनमें से एक है। सुरक्षित अस्पताल प्रबंधन प्रणाली जो केवल ब्रीच प्रूफ हैं, को प्रभावी स्मार्ट अस्पताल प्रणाली कहा जा सकता है। डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के परिप्रेक्ष्य को देखते हुए कई चिकित्सक स्मार्ट विचारों का उपयोग करके एक प्रभावी अस्पताल प्रबंधन प्रणाली को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। यह पेटेंट स्मार्ट अस्पताल प्रबंधन प्रणाली बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में काफी सहयोगी होगा। इससे स्वास्थ्य सेवा डेटा और चिकित्सा पद्धतियों की सुरक्षा का प्रबंधन करके पहचाना जा सकता है। उन्होंने बताया कि पेटेंट मिलने के बाद अनुसंधान दल अब साइबर फिजिकल सिस्टम और इंटरनेट ऑफ मेडिकल थिंग्स जैसे ट्रेंडिंग टॉपिक पर काम कर इसे और प्रभावी व अत्याधुनिक बनाएंगे।