बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को कार्यवाहक कुलपति ने कुलसचिव को निलंबित कर दिया। ऐसा कहा जा रहा था कि दोनों में लंबे समय से तनातनी चल रही थी।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को कार्यवाहक कुलपति ने कुलसचिव को निलंबित कर दिया। मालूम हो रजिस्ट्रार अश्विनी सिंह और कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर एमएनपी वर्मा के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। रजिस्ट्रार के निलंबन के संबंध में कुलपति कार्यलय का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुलसचिव अश्विनी सिंह के निलंबन की बात कही गई। इसके बाद से पूरे विश्वविद्यालय में सन्नाटा पसर गया।
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जारी हुए पत्र में कहा गया है कि कुल सचिव के खिलाफ खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही विचाराधीन है। इसलिए कुलपति बीबीएयू अधिनियम, 1994 के प्रावधान 12(3) के तहत उन्हें प्रदत्त शक्ति के साथ-साथ केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1965 के नियम 10 के उपनियम (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। पत्र में यह आदेश भी दिया गया है कि आदेश के प्रभावी रहने की अवधि में रजिस्ट्रार बिना कुलपति की पूर्व अनुमति प्राप्त किए मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। निलंबन अवधि के दौरान वे लाइब्रेरियन, बीबीएयू लखनऊ को रिपोर्ट करेंगे।
मामले में विश्वविद्यालय का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए प्रवक्ता प्रो. रचना गंगवार बको फोन किया गया, जिसपर उन्होंने अवकाश पर होने की बात कही और प्रवक्ता के दायित्व में प्रो. अरविंद सिंह ने फोन नहीं उठाया। जबकि रजिस्ट्रार अश्विनी सिंह का भी फोन नहीं उठा।