नगर आयुक्त एक फिर चर्चा में हैं। इस बार विवाद थाने तक पहुंच गया है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष ने उन पर अभद्रता करने और जातिसूचक अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी है। कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ हजरतगंज कोतवाली में प्रदर्शन भी किया। दूसरी ओर नगर आयुक्त ने भी कार्यालय में अभद्रता करने और सफाई कार्य में बाधा डालने की धमकी दिए जाने की एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी है। दोनों ओर से आई तहरीर को देखते हुए एसएसपी ने एसपी पूर्वी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उसके बाद ही एफआईआर दर्ज किया जाएगा।
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि का कहना है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं के मसले पर नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी से बात करने उनके कार्यालय गए थे। जैसे ही उन्होंने अपना परिचय दिया तो वह भड़क गए। उन्हाेंने जातिसूचक अपशब्द कहे और अभद्रता कर अपमानित किया। इस मामले की एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी गई मगर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। इसे लेकर ही थाने में कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया गया। वहीं नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सौरभ वाल्मीकि कार्यदायी संस्था चलाते हैं। सफाई व्यवस्था में सुधार को एक वार्ड एक एजेंसी का फार्मूला लागू किया गया है। इसमें सौरभ की एजेंसी को रोड से हटाकर वार्ड में किया गया। इससे वह नाराज हैं। उसको बदलवाने के लिए वह दबाव डालने आए थे। मना किया गया तो अभद्रता करने लगे, सफाई व्यवस्था ठप कराने की धमकी देक र चले। सौरभ की ओर से अभद्रता और जातिसूचक अपशब्ह कहे जाने का आरोप बेबुनियाद है।