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शौक ही नहीं इनका जुनून है खेल प्रतिभाओं को निखारना, खुद भी रह चुकी हैं बेस्ट एथलीट

Wed, 25 Oct 2017 02:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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विमला सिंह - फोटो : amar ujala
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लखनऊ की खेल प्रतिभाओं को निखारना उनका शौक ही नहीं एक जुनून है। उनके द्वारा प्रशिक्षित धाविकाओं ने न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शहर का नाम रोशन किया बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्द्धाओं में अव्वल रहकर देश का गौरव भी बढ़ाया है। हम बात कर रहे हैं विमला सिंह की, जिन्होंने शहर को कई नामी खिलाड़ी दिए और उनका ये प्रयास आज भी जारी है।
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ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सुधा सिंह हो या संगीता यादव, नेहा सिंह, अर्चना पाल, सुधा पाल, नंदिनी गुप्त, विजयलक्ष्मी...। उनके द्वारा तैयार की गई खेल प्रतिभाओं की सूची काफी लंबी है, जिन्होंने अंतर विश्वविद्यालयीय स्पर्धाओं से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में न सिर्फ भाग लिया है बल्कि पुरस्कार भी हासिल किए हैं।

क्रीड़ा अधिकारी के तौर पर विमला सिंह ने करीब 14 वर्षों तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया। विमला सिंह के लिए यहां तक पहुंच पाना आसान नहीं था। 49 वर्षीया विमला कहती हैं कि मैं घर से ट्रैक सूट पहनकर निकलती थी और मेरे माता-पिता को भी बहुत बाद में पता चल सका कि मुझे छोटे कपड़े पहनकर दौड़ लगानी पड़ती है।
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रिश्तेदार करते थे आलोचना

विमला सिंह - फोटो : amar ujala
रिश्तेदार बहुत आलोचना करते थे, लेकिन मेरे माता-पिता ने बहुत प्रोत्साहित किया। मेरे पिता पुलिस में होने के कारण खेलों के बारे में जानते थे। उन्होंने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। विमला की लंबाई 5.8 फीट है तो उनके पिता चाहते थे कि वह खेल में भाग ले। विमला बताती हैं कि जब केडी सिंह बाबू स्टेडियम में छात्रावास खुला तो तीन लड़कियां थीं। आज इनमें से दो ने खेल छोड़ दिया है। मैं अकेले ही इस क्षेत्र में हूं।

हालांकि विमला सिंह कहती हैं कि आज लड़कियों और उनके अभिभावकों में जागरूकता आई है, लेकिन खेलों में आज भी लड़कियां गांवों से ही आती हैं, शहरों से नहीं। गांवों में महिलाओं को लेकर स्थितियां बहुत बदली नहीं हैं।

आज भी अगर दूर से कोई लड़की अभ्यास के लिए आती है तो हमें उसे जल्दी छोड़ना होता है। लड़कों के साथ तो ऐसा नहीं होता है। वास्तव में लड़कियों के बारे में बातें बहुत होती हैं, लेकिन कहने और करने में फर्क होता है। मुरादाबाद में जन्मी विमला सिंह को यूपी के बेस्ट एथलीट का सम्मान मिल चुका है।
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