अतुल ने बताया कि डिवाइस को ऑडियो बोर्ड, सर्वो मोटर, फ्लेक्स सेंसर, एलसीडी, ग्लव्स, छोटे कैमरे आदि लगाकर तैयार किया है। यह ज्यादा महंगा नहीं है। हमने जब विश्वविद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों की समस्या देखी कि उन्हें देखने, बोलने, समझने में किस तरह की समस्या होती है तो ऐसी डिवाइस विकसित करने का विचार आया। अभी दो साल कोर्स और बाकी है, हम उनके लिए कुछ और बेहतर बनाएंगे।