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बाराबंकी जहरीली शराब कांड : अभियान चलने तक रहा अंकुश, फिर हालात जस के तस

Tue, 28 May 2019 10:20 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में जब भी अवैध शराब का कोई कांड होता है, उन सब में एक ही तरह की ढर्रा देख गया है। घटना के बाद जांच होती है, बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, अभियान चलाए जाते हैं, दिखावटी कार्रवाइयां भी होती हैं, लेकिन हालात जस के तस बने रहते हैं। इसी के चलते प्रदेश में जहरीली और अवैध शराब से हो रही मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

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पिछले डेढ़-दो साल से नियमित अंतराल पर जहरीली शराब से मौत की घटनाएं हो रही हैं। गत फरवरी में ही सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब पीने से 88 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई। 

एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट भी सौंपी और कई अहम सुझाव सरकार को दिए लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। इससे पहले पिछले वर्ष बाराबंकी, कानपुर नगर, कानपुर देहात और फर्रुखाबाद में जहरीली शराब से मौतों के बाद भी जांच कमेटी बनाई गई, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई।
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गत फरवरी में सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अभियान चलाकर लाखों लीटर अवैध शराब पकड़ी गई और भट्ठियां नष्ट की गईं। अभियान चल ही रहा था कि 10 मार्च को कानपुर के घाटमपुर में अवैध शराब से 6 लोगों की मौत हो गई। लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस, निर्वाचन आयोग और आबकारी विभाग ने मिलकर अभियान जारी रखा। बड़ी मात्रा में अवैध शराब की भट्ठियों को नष्ट किया और लाखों लीटर अवैध शराब बरामद की।  

हर घटना के बाद चलता है अभियान

पिछले मार्च में कानपुर के घाटमपुर में जहरीली शराब से 6 लोगों की मौत हो गई थी। फरवरी में सहारनपुर और कुशीनगर में 88 लोगों की मौत अवैध शराब पीने से हो गई थी। पिछले वर्ष मई में कानपुर के सचेंडी और कानपुर देहात में जहरीली शराब पीने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। 

जुलाई 2017 में आजमगढ़ में अवैध शराब पीने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। 12 जनवरी 2018 को बाराबंकी में अवैध शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद सरकार ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी और आधा दर्जन से अधिक लोगों को निलंबित किया गया था। पिछली हर घटना के बाद सात से 15 दिन तक का विशेष अभियान चलाकर पूरे प्रदेश में लाखों लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। 
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चुनाव के दौरान बरामद की गई 11 लाख लीटर अवैध शराब

डीजीपी मुख्यालय के आंकड़ों की मानें तो बीते चुनाव के दौरान पुलिस की मुस्तैदी की वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। चुनाव के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग ने अवैध शराब की 1909 भट्ठियां नष्ट की थीं। इसके अतिरिक्त 7,78,798 लीटर अवैध देसी शराब और 3,49,403 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की थी। 

19 मई को अंतिम चरण के चुनाव के साथ ही यह अभियान समाप्त हो गया। उसके बाद 10 दिन भी नहीं बीते थे कि फिर हादसा हो गया। इस बार मौतें अवैध तरीके से बनने वाली शराब से न होकर सरकारी ठेके से खरीदी जा रही शराब से हुई है जो और भी गंभीर है।
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