बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी व जमानत पर बाहर चल रहे उसके 12 साथियों पर शुकवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर के मामले में आरोप तय होने थे। मुख्तार वीडियो कांफ्रेसिंग से तो 11 आरोपी अदालत में हाजिर हुए। मगर एक आरोपी अफरोज के न पेश होने से आरोप तय नहीं हो सके। अब अगली सुनवाई 22 जून को होगी।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी बाराबंकी में फर्जी कागजातों से पंजीकृत की गई एंबुलेंस का प्रयोग करता था। मामले की खुलासा होने के बाद 31 मार्च 2021 को एआरटीओ बाराबंकी ने मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डॉ. अलका राय पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था।
इसी मामले में मुख्तार समेत कई लोग आरोपी बनाए गए थे। इसी केस के आधार पर 25 मार्च 2022 को पुलिस ने मुख्तार अंसारी व उसके 12 अन्य साथियों के खिलाफ शहर कोतवाली में गैंगस्टर का केस दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने एमपी/एमएलए कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल किए थे। बीते तीन चार महीनों से पेशी हो रही है।
शुक्रवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में होने वाली सुनवाई में आरोप तय होने थे। इस मौके पर सभी आरोपियों को अदालत में पेश होना था। मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया जबकि 11 आरोपी अदालत पहुंचे। लेकिन एक आरोपी अफरोज उर्फ चुन्नू अदालत में पेश नहीं हुआ। अफरोज गाजीपुर का निवासी है।
उनके न पेश होने से अदालत में आरोप तय करने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने सुनवाई की अगली तारीख 22 जून नियत की है। अब 22 को इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे। अधिवक्ताओं की माने तो अगर अफरोज फिर पेशी पर नहीं आया तो वारंट जारी हो सकता है।
अफरोज की 40 करोड़ की संपति हो चुकी कुर्क
मुख्तार अंसारी गिरोह का सदस्य अफरोज गाजीपुर जिले का निवासी है। बाराबंकी पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत अफरोज द्वारा सोनभद्र जिले में बनाई गई 40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की चुकी है। यह संपति उसने अपने परिजनों के नाम हासिल की थी जो अपराध से अर्जित आय से बनाई गई थी।