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Barabanki: दूसरे व्यक्ति के नाम से लोन पर निकाल ली कार, महिंद्रा फाइनेंस के मैनेजर फंसे, चार पर मुकदमा दर्ज

Mon, 22 Apr 2024 01:08 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी

सार

दूसरे व्यक्ति के नाम पर लोन लेकर कार निकालने के मामले में मैनेजर, एआरटीओ कर्मी समेत चार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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महिंद्रा फाइनेंस के मैनेजर व कर्मचारी ने मिलकर कथित रूप से एक व्यक्ति के नाम लोन पर वाहन निकलवा लिया। एआरटीओ के कर्मचारियों से मिलकर वाहन का पंजीकरण व बीमा भी कराया। मामले की शिकायत एसपी से हुई तो उनके निर्देश पर फाइनेंसकर्मी के मैनेजर व एआरटीओकर्मी समेत चार पर शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है।

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सफदरगंज थाना क्षेत्र के जकरिया बुधवारा गांव निवासी मसीहुर्रहमान ने एसपी दिनेश कुमार सिंह से शिकायत में बताया कि वह लोन के लिए शहर में स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय गया था। वहां अपने कागज दिए थे मगर लोन नहीं हो सका था लेकिन बाद में उसके स्थान पर किसी और को खड़ा करके टाटा पुनीत मोटर्स से एक कार निकलवा ली।

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इसके बाद एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से कार का पंजीकरण करवा कर बीमा भी करवा लिया और वाहन किसी और को दे दिया। इसकी जानकारी होने के बाद मसीहुर्रहमान ने आईजीआरएस में शिकायत की तो जांच में आरोप सही पाए गए। जिस पर महिंद्रा फाइनेंस के मैनेजर उबेद जाफर ने गलती स्वीकार कर लोन निरस्त कराने की बात कही लेकिन लोन मसीहुर्रहमान पर ही कायम रहा जिसके कारण बीते फरवरी माह में कंपनी के कोलकता स्थित कार्यालय की शिकायत पर वहां की अदालत ने मसीहुर्रहमान के खिलाफ रिकवरी का वारंट जारी कर दिया।
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परेशान मसीहुर्रहमान की शिकायत पर एसपी ने केस दर्ज करने का निर्देश दिया। शहर कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के मैनेजर उबेद जाफर, कर्मचारी भाष्कर शर्मा, टाटा पुनीत मोटर्स के बाराबंकी शाखा के मैनेजर व एआरटीओ कार्यालय के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।

फर्जी कागज पर दर्ज थी मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस
बाराबंकी के एआरटीओ कार्यालय में दलालों व कर्मचारियों के गठजोड़ से आम आदमी परेशान है। ऐसा पहली बार नहीं है कि कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध न रही हो। इससे पहले 21 मार्च 2013 को एक एंबुलेंस यूपी एटी 7171 एआरटीओ आफिस में फर्जी दस्तावेज से पंजीकृत कराई गई थी। 31 मार्च 2021 को यह एंबुलेंस मुख्तार द्वारा पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान प्रयोग करती पाई गई जिसे लेकर दो मामले कोर्ट में ट्रायल पर है। इनमें मुख्तार अंसारी समेत 12 आरोपी है। हालांकि मुख्तार की मौत हो चुकी है।

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