गोरखपुर से दिल्ली जा रही एक निजी बस लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि करीब 35 अन्य को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जबकि हल्की चोट वाले यात्रियों को अन्य साधनों से गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। घटना के बाद बस का चालक और परिचालक मौके से भाग गए।
गोला बस सर्विस की यह निजी बस रविवार रात करीब डेढ़ बजे शहर कोतवाली क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुई। पुलिस के अनुसार, बस देर शाम गोरखपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। रात करीब एक बजे, शहर के निकट भाजपा कार्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। पीछे से आ रहे वाहन चालकों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सीओ सिटी संगम कुमार और शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए पुलिस ने शीशे तोड़कर बचाव कार्य चलाया। एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में नई दिल्ली, गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, बिहार और हिमाचल प्रदेश के निवासी 15 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 35 अन्य यात्रियों को हल्की चोटें लगी हैं। गनीमत रही कि एक दंपती और उनके पांच साल के बच्चे ने इस हादसे में बाल-बाल अपनी जान बचा ली।
चालक लापरवाही से चला रहा था बस
दुर्घटना के संबंध में घायल यात्रियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। गोरखपुर निवासी महिला यात्री सोनिया ने बताया कि बस का चालक शुरू से ही तेज और लापरवाही से वाहन चला रहा था। रात करीब 1:20 बजे बस एक ढाबे पर रुकी, जिसके बाद जब बस चली तो वह दो बार सड़क पर लहराई और अनियंत्रित होकर पलटते-पलटते बची। यात्रियों द्वारा चालक को इस लापरवाही के बारे में टोके जाने पर भी उसने अनसुना कर दिया। कुछ यात्रियों ने चालक के नशे में होने की आशंका भी जताई। हालांकि, शहर कोतवाल ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और स्टेयरिंग फेल होने की बात भी सामने आ रही है।
लगा जैसे भूकंप आया गया हो
दुर्घटना के समय बस में सवार अधिकतर यात्री नींद में थे, जब अचानक तेज झटके लगे। किसी का सिर सीट से टकराया तो कोई छत से जा भिड़ा। नींद खुलने पर लोगों को लगा मानो भूकंप आ गया हो। गोरखपुर निवासी यात्री आर्यन ने बताया कि हादसे के बाद कुछ यात्री शीशे तोड़कर किसी तरह बाहर निकल पाए। घायल यात्रियों में नई दिल्ली के गोविंदपुरी निवासी आमना (22), बिहार के सीतामढ़ी निवासी विजय सिंह (24), बस्ती निवासी अनिरुद्ध चौधरी (30), गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पास रहने वाले आमिर राजा (26), सहजनवा निवासी तबरेज आलम (27), चौरी-चौरा निवासी शिव जायसवाल (19), महाराजगंज निवासी प्रदीप निषाद (27), हिमाचल प्रदेश के मंडी निवासी खेमचंद (33), नई दिल्ली के जाकिर नगर निवासी मो. अनीस (43), बस्ती के मंगल बाजार निवासी मनोज कुमार (58), गोरखपुर निवासी आर्यन सिंह (32) और नई दिल्ली के गोविंदपुरी निवासी अतीउल्ला (60) सहित तीन अन्य लोग शामिल हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। करीब 35 अन्य यात्रियों को हल्की चोटें लगी हैं। एक दंपति और उनका करीब पांच साल का बेटा हादसे में बाल-बाल बच गए