सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जनपद न्यायाधीश से बात की तो उन्होंने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मगर जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े अधिवक्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक जिलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने विजय का शव उनके आवास पर भेज दिया और फिर पुराना हाईकोर्ट चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद अधिवक्ताओं का हुजूम जिलाधिकारी आवास पर पहुंच गया और नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। घंटे भर बाद भी जब जिलाधिकारी नहीं पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता हजरतगंज होते हुए जब राजभवन के सामने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर अधिवक्ताओं व पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि अधिवक्ताओं को रोका नहीं जा सका।
अधिवक्ता जब गोल्फ क्लब चौराहे पर पहुंचे तो कई थानों की फोर्स व भारी पुलिस बल के साथ अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। इस पर अधिवक्ता वहीं सड़क पर धरना देने लगे। कुछ देर बाद जेसीपी (कानून एवं व्यवस्था) नवीन अरोरा मौके पर पहुंचे तो अधिवक्ताओं से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा।
नवीन अरोरा ने मांगों को शासन तक पहुंचाने के साथ ही पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया। इस मौके पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश कुमार सिंह, महामंत्री संजीव पांडेय, अनुराग दीक्षित, फरहा सिद्दीकी, विक्की सिंह, अजय यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे