प्रदेश में लघु उद्योगों की सूरत बदलने में बैंक की अहम भूमिका है। बैंक को इस तर्ज पर काम करना चाहिए कि एक बैंक एक उद्यमी की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (पीएमईजीपी) के तहत मदद करे।
इससे ही केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मर्जिन मनी (सब्सिडी) लाने में कामयाब हो सकेंगे। ये बातें लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन राज्यमंत्री भगवत सरन गंगवार ने पीएमईजीपी पर आयोजित एक कार्यशाला में कही।
उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में पीएमईजीपी के तहत केंद्र सरकार से 187 करोड़ रुपए की सब्सिडी मिल चुकी है। अगर इसका सही इस्तेमाल उद्यमियों को प्रोत्साहित करने में हुआ तो केंद्र सरकार से 100 करोड़ अतिरिक्त धनराशि हासिल की जा सकेगी।
वहीं केंद्रीय खादी ग्रामोद्योग आयोग के सीईओ उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नोडल बैंक से फाइनेंस बैंक तक पैसा पहुंचने में चार से पांच महीने लग जाते थे। जिस पर बैंक ब्याज मांगता था। इस समस्या को रिजर्व बैंक के प्रयासों से दूर कर लिया गया है।