यूनियन बैंक व गुजरात की कंपनी के अफसरों पर गारंटी के 72.60 लाख रुपये हड़पने का केस
विभूतिखंड थाने में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक व जोनल ऑफिस के अधिकारियों समेत गुजरात की कंपनी आईडीएमसी लिमिटेड के अधिकारियों पर मिलीभगत से बैंक गारंटी के 72.60 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया गया है।
इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि पीजीआई के रायबरेली रोड पर वृंदावन योजना स्थित मेसर्स अभीष्ट इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर राकेश शुक्ला की तरफ से शिकायत दर्ज कर जांच की जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि राकेश शुक्ला की कंपनी ने 2017 में गुजरात की आईडीएमसी लिमिटेड से मुरादाबाद में पराग डेयरी के निर्माण कार्य का काम लिया था।
काम की लागत 14.52 करोड़ रुपये थी। उक्त कार्य की बैंक गारंटी के रूप में उन्होंने कुल लागत की पांच प्रतिशत राशि के रूप में 72.60 लाख रुपये यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विभूतिखंड शाखा में बैंक गारंटी रखी थी।
उक्त बैंक गारंटी 15 फरवरी 2017 से 15 फरवरी 2019 तक के लिए थी। राकेश शुक्ला का कहना है कि इस दौरान आईडीएमसी लिमिटेड से भुगतान को लेकर विवाद हो गया।
इसके बाद कंपनी के अधिकारियों के इशारे पर चार अप्रैल 2019 को उनकी बैंक गारंटी की रकम हड़प ली गई। पीड़ित का कहना है कि बैंक गारंटी 15 फरवरी 2019 को खत्म हो चुकी थी।
इसके बावजूद बैंक अधिकारियों ने उन्हें सूचना दिए बगैर नियमविरुद्ध तरीके से बैंक गारंटी का रुपया आरटीजीएस के जरिए आईडीएमसी लिमिटेड के खाते में भेज दिया।
राकेश ने इस धोखाधड़ी में बैंक की विभूतिखंड शाखा के प्रबंधक श्याम कुमार दुबे, जोनल ऑफिस में तैनात सहायक महाप्रबंधक योगेश चौरसिया सरल, उपमहाप्रबंधक एसपी कर और आईडीएमसी के अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया है।
राकेश ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नही हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।