सूबे में दो दिन की बैंक हड़ताल से करीब एक लाख करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ है।
वहीं, एटीएम और दूसरी सेवाएं ठप होने से ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी।
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने अब अपनी मांगे पूरी नहीं करने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को बैंक कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पूरे सूबे में जारी रही। इसमें करीब 6500 बैंक शाखाएं दूसरे दिन भी शामिल रहीं।
अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों की एक आम सभा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के हजरतगंज स्थित मुख्यालय पर हुई।
इसमें भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के सामने दसवें वेतन पुनरीक्षण (पे रिवीजन) को जस का तस लागू करने की मांग रखी गई।
दो दिवसीय हड़ताल के समापन के साथ ही अब यूएफबीयू ने अनिश्चितकालीन बंदी की चेतावनी आईबीए को दी है।
प्रदेश संयोजक वाइके अरोरा ने बताया कि 13 फरवरी को आईबीए के साथ हमारी वार्ता होगी।
अगर इसमें कोई निर्णय नहीं निकला तो फिर यूएफबीयू अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय कर सकता है।
यह हड़ताल कब होगी, अभी इसके लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है। अनिश्चितकालीन हड़ताल मार्च में की जा सकती है।
यदि ऐसा हुआ तो वित्तीय वर्ष समाप्त होने केचलते परेशानी बढ़ जाएगी।
यूएफबीयू के प्रवक्ता अनिल तिवारी का कहना है कि हड़ताल अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रही।
बैंक कर्मियों के काम पर नहीं होने से बैंकिंग सेवाएं कमोबेश पूरी तरह ठप हो गईं।
दूसरे दिन सुबह से ही एटीएम, कैश डिपोजिट कियोस्क जैसी इलेक्ट्रानिक सेवाओं ने भी काम करना बंद कर दिया। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।