लखनऊ। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश इकाई की ओर से रविवार को नाका हिंडोला के होटल में सातवें अधिवेशन का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ कामरेड परवाना, कॉमरेड प्रभात कार, कॉमरेड तारकेश्वर चक्रवर्ती, कामरेड पीके मेनन कॉमरेड आरजेएस के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर हुआ। स्वागत समिति की अध्यक्ष डॉ. आरती ने वर्तमान समय में ट्रेड यूनियन आंदोलन के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया। अधिवेशन में कहा गया कि बैंक अधिकारी-कर्मचारी बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें।
अधिवेशन के मुख्य अतिथि ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के उपमहासचिव कामरेड डी एस गणेशन ने कहा कि वर्तमान समय में बैंक अधिकारी-कर्मचारियों के सामने कड़ी चुनौतियां हैं। सरकार आईडीबीआई बैंक को निजी हाथों में बेचने पर आमादा है। 12 बैंकों का विलय कर पांच बैंक बनाने की तैयारी चल रही है। आने वाले समय में बैंक कर्मचारियों-अधिकारियों को बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा।
आईडीबीआई बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड विट्ठल कोटेश्वर राव ने कहा कि सरकार आईडीबीआई को निजी हाथों में देने की कोशिश कर रही है। अधिवेशन को यूपीटीयूसी के अध्यक्ष कामरेड सीके सिंह, उदयनाथ सिंह, एसके संगतानी, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के चेयरमैन यादव सिंह ठाकुर, पंजाब एंड सिंध बैंक के महाप्रबंधक आरके बंसल एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक डीके अर्जवानी ने संबोधित किया। अधिवेशन की अध्यक्षता चेयरमैन साथी राजेश तिवारी एवं अध्यक्ष साथी विजय माथुर ने की। संचालन कार्यकारी महासचिव डॉ. राकेश सक्सेना ने किया। (संवाद)
अधिवेशन में पहुंचे पदाधिकारी।