लखनऊ। अलीगंज में एलडीए की सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में कोटक महिंद्रा बैंक सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। बैंक ने कार्रवाई को गलत बताते हुए सील खोलने की मांग की है।
बीते 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई थी। एक जनहित याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एलडीए ने इलाके की 51 अवैध बिल्डिंगों को चिह्नित करने की जानकारी कोर्ट को दी। बीते 20 दिनों में एलडीए ने चिह्नित अवैध इमारतों में से 17 को सील भी किया। इनमें से एक इमारत में कोटक महिंद्रा बैंक है। सीलिंग के विरोध में बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया है। हालांकि, इसकी सुनवाई नहीं हुई है।
उधर, एलडीए अधिकारियों का कहना है कि भवनस्वामी ने बिल्डिंग को वैध कराने के लिए न तो शमन मानचित्र दाखिल किया और न ही सील खोलने के संबंध में आवेदन किया गया है। अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि सीलिंग के खिलाफ बैंक कोर्ट गया है, भवनस्वामी नहीं। बैंक का तर्क है सीलिंग से उसका कारोबार बंद हो गया है। ऐसे में उसकी सील खोली जाए।
सुनवाई टली, नई तारीख अभी तय नहीं
अलीगंज अग्निकांड के बाद इलाके में चिह्नित अवैध इमारतों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी पर यह नहीं हुई। एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि जिस बेंच में सुनवाई होनी थी वह बैठी नहीं। नई तारीख का अभी नहीं पता चला है।