लखनऊ में सरकारी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल केचलते एक ओर जहां बैंकों में ढाई हजार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं एटीएम पर लाइन लगी रही। कैश खत्म हो गया और ग्राहक पाई-पाईको तरस गए। ग्राहकों ने प्राइवेट बैंक एटीएम का रुख किया, जहां से उन्हें कुछ राहत मिली।
दरअसल, केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति केखिलाफ सरकारी बैंक कर्मियों ने सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल का आगाज किया। पहले दिन हड़ताल की वजह से हजारों की संख्या में उपभोक्ता परेशान हुए। बैंकों से जुड़ा कोई भी लेनदेन नहीं हो सका। वहीं कैश के लिए भी उपभोक्ता शहरभर में भटकते नजर आए। हजरतगंज से लेकर आशियाना, जानकीपुरम से गोमतीनगर, चौक से ग्रामीण इलाकों तक में एटीएम पर कैश वालों की भीड़ रही। कई एटीएम देखते ही देखते खाली हो गए। मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि राजधानी में लखनऊ में लगभग 2500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। लखनऊ में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको की 905 शाखाओं के 990 एटीएम हैं। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक आदि केकई एटीएम पर कैश खत्म होने से उपभोक्ता पैसा नहीं निकाल पाए और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सीतापुर में इंडियन बैंक कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जिले के करीब साढे 500 कर्मचारी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि इससे जिले में करीब 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने की उम्मीद की जा रही है। हड़ताल से खाताधारकों को काफी दिक्कत आ रही है। वह एटीएम के सहारे अपना लेनदेन कर रहे हैं।
अमेठी में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध व लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए सोमवार से बैंक कर्मियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। माह के दूसरे शनिवार व रविवार के अवकाश के तत्काल बाद हुई हड़ताल से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। अवकाश व हड़ताल से सभी एटीएम कैश विहीन हो गए हैं। हड़ताल के पहले दिन जिले में 15 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
गोंडा में निजीकरण के विरोध में सोमवार को जिले के सभी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिसके कारण मुख्यालय से लेकर कस्बों तक सभी 228 बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल के पहले दिन करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। सरकार द्वारा बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर सोमवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। रोडवेज बस स्टॉप के सामने स्थित इंडियन बैंक की मुख्य शाखा के सामने हड़ताल कर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बलरमपुर में दो बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव को लेकर सोमवार को सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले नौ यूनियन के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों के हड़ताल से बैंक ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले दिन के हड़ताल से बैंकों में 80 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप रहा है।
श्रावस्ती में बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंककर्मी सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। इसके चलते बैंकों में सोमवार को ताला लटकता रहा। वहीं आज मंगलवार को भी हड़ताल के चलते बैंक बंद रहेंगे। अचानक हुई इस हड़ताल के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले दिन हड़ताल के कारण करीब पांच करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।