छानबीन में सामने आया है कि मानस हत्या के इरादे से ही बैंक पहुंचा था। वह दिव्या से बातचीत ही नहीं करना चाहता था। यही वजह है कि वह पूरी तैयारी के साथ तीन असलहे लेकर गया था। आरोपी को आशंका थी कि अगर एक असलहे से गोली नहीं चली तो भीड़ उसे पकड़ सकती है। इस कारण वह दो और असलहे साथ ले गया था। पुलिस मानस की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है। माना जा रहा है कि उसने मोटी रकम देकर असलहे खरीदे थे। डीसीपी का कहना है कि असलहा उपलब्ध कराने वालों के बारे में जल्द पता लगा लिया जाएगा।
सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हुई।
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पूरी वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि शोर सुनकर सबसे पहले बैंक का गार्ड बाहर निकला था। उसके पास बंदूक भी थी। हालांकि, मानस के पास असलहा देखकर गार्ड वापस भाग आया था। चर्चा है कि अगर गार्ड ने बहादुरी दिखाई होती तो शायद दिव्या की जान बच सकती थी। खौफ के कारण बैंककर्मी भी पीछे हट गए थे।
घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बताया गया कि दिव्या बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं। हालांकि, पूछताछ करने पर बैंककर्मियों ने उनके पति का नाम नहीं बताया। सख्ती करने पर काफी देर बाद दो बैंककर्मी सामने आए और कहा कि दिव्या के पति का नाम मानस है, जो हुसड़िया चौराहे पर रहता है। पुलिस उसका मोबाइल नंबर निकलवाकर लोकेशन पता कर ही रही थी कि हुसड़िया पर गोली चलने की सूचना मिली। डीसीपी वहां पहुंचीं तो पता चला कि मानस ने बहन की भी हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली है।