लखनऊ। अवैध तरीके से भारत में घुसने और डकैती डालने के आरोपी बांग्लादेशी कमल उर्फ कमाल को दोषी ठहराते हुए एडीजे अभिनय कुमार मिश्रा ने सात वर्ष छह माह कैद की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अधिवक्ता पुलकित मिश्रा ने हसनगंज थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनके वरिष्ठ अधिवक्ता रतन कांत शर्मा और भाई कर्नल शशिकांत शर्मा का परिवार शहर से बाहर गया था। दोनों घरों की देखभाल के लिए शिव कुमार शर्मा, अमित और अमित के दोस्त ताहिर को रखा था। 24 मई 2018 की रात तीन बजे 12 लोग असलहों के साथ घुसे और तीनों के हाथ-पैर बांधकर डकैती डाली। पुलिस ने बांग्लादेशी गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया था। उसने बताया था कि असलम और इंदादुल के साथ डकैती डाली थी। गिरोह के लोग बड़ी संख्या में बांग्लादेश से घुसपैठ करके आए हैं। पुलिस ने 23 नवंबर 2018 को दिल्ली के यमुना पुश्ता से आरोपी इंदादुल, जाकिर और असलम को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में कोर्ट इंदादुल, खोकन और जाकिर को सजा सुना चुकी है।