जिले में 15 से 21 अप्रैल के बीच पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर दबाव देखने को मिला। कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक बार-बार खत्म होता रहा, जबकि प्रशासन और तेल कंपनियां आपूर्ति बढ़ाकर हालात सामान्य करने में जुटी रहीं। 16 अप्रैल को 41 पंपों पर पेट्रोल और 37 पर डीजल खत्म हुआ। 17 अप्रैल को पेट्रोल 46 और डीजल 33 पंपों पर नहीं मिला। 18 अप्रैल को 41 पंपों पर पेट्रोल व 26 पर डीजल, 19 अप्रैल को 43 पंपों पर पेट्रोल व 25 पर डीजल खत्म रहा। 21 अप्रैल को स्थिति चरम पर दिखी, जब 48 पंपों पर पेट्रोल और 21 पंपों पर डीजल का स्टॉक शून्य हो गया।
जिला प्रशासन की मानें तो सामान्य दिनों में 92 हजार लीटर पेट्रोल और 1.41 लाख लीटर डीजल की दैनिक खपत रहती है, लेकिन 15–19 अप्रैल के बीच बिक्री लगभग दोगुनी दर्ज हुई। 19 अप्रैल को 1.78 लाख लीटर पेट्रोल और 2.61 लाख लीटर डीजल की बिक्री ने रिकॉर्ड बनाया। 17 अप्रैल को 2.02 लाख लीटर पेट्रोल और 3.52 लाख लीटर डीजल की अधिकतम आमद दर्ज हुई। 20 अप्रैल तक 1.94 लाख लीटर पेट्रोल और 3.81 लाख लीटर डीजल की आपूर्ति कर गैप कम किया गया। 21 अप्रैल की सुबह तक पंपों पर 2.84 लाख लीटर पेट्रोल और 4.41 लाख लीटर डीजल का प्रारंभिक स्टॉक मौजूद रहा, साथ ही अतिरिक्त टैंकर रास्ते में रहे। 22 को भी कई पंपों पर तेल उपलब्ध नहीं रहा।
अब सुबह 7 से रात 9 बजे तक ही मिलेगा तेल, डिब्बों पर रोक
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने पेट्रोल और डीजल वितरण करने के लिए गाइडलाइन जारी किया है। इसके तहत सभी पेट्रोल पंप प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित होंगे। किसी भी स्थिति में जेरीकेन, डिब्बा, बोतल या अन्य पात्र में पेट्रोल-डीजल देना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसानों को केवल कृषि कार्य के लिए किसान बही या फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर 5 से 10 लीटर तक डीजल निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।