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Lucknow News: ऑनलाइन विज्ञापन के चक्कर में गई बलिया के भाजपा नेता की जान

सार

बलिया निवासी भाजपा नेता अशोक सिंह और मैकेनिक विकास सिंह की राजस्थान में हत्या ऑनलाइन जनरेटर डील के बहाने की गई। ठगों ने उनसे जबरन पैसे ट्रांसफर कराए और शव फेंक दिए। घटना से गांव में शोक की लहर है।
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विस्तार
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लखनऊ। बलिया निवासी भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और बाइक एजेंसी संचालक अशोक सिंह और उनके साथ गए मैकेनिक विकास सिंह की हत्या ऑनलाइन विज्ञापन के चक्कर में हुई थी। अशोक के भाई इनकम टैक्स कमिश्नर संजय सिंह के गोसाईंगंज स्थित आवास पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।
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अशोक की हत्या राजस्थान में की गई थी। वह ऑनलाइन डील पर जनरेटर खरीदने के लिए वहां गए थे। अशोक सिंह की हत्या के बाद से उनके बलिया स्थित पैतृक गांव अघैला में शोक की लहर है। बृहस्पतिवार को फेसबुक पर पोस्ट कर उनके भाई आईआरएस निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि अशोक सिंह का दाह संस्कार लखनऊ के भैंसाकुंड घाट पर बुधवार की देर शाम कर दिया गया। श्रद्धांजलि व अन्य कार्यक्रम लखनऊ के गोसाईंगंज के गौरिया कला स्थित आवास पर होंगे। उधर, विकास सिंह का भी दाह संस्कार बलिया के महावीर घाट पर कर दिया गया।
यह है मामला

बलिया के एएसपी कृपाशंकर ने बताया कि अशोक सिंह (53) की माल्देपुर में बाइक एजेंसी है। वह एजेंसी व उसके दूसरे तल पर मैरिज हाॅल के लिए बड़े जनरेटर की तलाश में थे। 16 सितंबर को अशोक सिंह की जनरेटर खरीदने के लिए ऑनलाइन डील हुई थी। नौ लाख रुपये का जनरेटर उन्हें 3.50 लाख में दिलाने का लालच दिया गया था। ठगों के झांसे में आकर अशोक सिंह अपने दोनों भाइयों को जानकारी दिए बिना जनरेटर मिस्त्री विकास निवासी बेदुआ को प्रयागराज से बुलाकर 18 सितंबर को जयपुर के लिए रवाना हो गए थे। ठगों ने जनरेटर दिखाने के बहाने एक दिन गुरुग्राम और फिर कोटपुतली में घुमाया। इसी बीच उनसे जबरन 10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद ठगों ने अशोक सिंह और विकास की हत्या कर शव राजस्थान के शाहजहांपुर में फेंक दिया। बृहस्पतिवार को इस घटना की जानकारी मिलने के बाद अशोक सिंह के पैतृक गांव अघैला में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधान शिवजी सिंह ने बताया कि परिवार के सभी लोग लखनऊ में रहते हैं। अशोक सिंह मिलनसार व्यक्ति थे।
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दिल्ली में गुमशुदगी का मुकदमा, बलिया पुलिस ने खोजी लोकेशन

अशोक सिंह का मोबाइल नंबर बंद आने पर परिजनों को चिंता हुई तो उनके भाई निर्भय नारायण सिंह ने रेल भवन नई दिल्ली पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। वहीं, बलिया पुलिस ने मोबाइल लोकेशन व अन्य जानकारी के आधार पर राजस्थान के शाहजहांपुर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दोनों के शव बरामद किए गए।
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