रायबरेली। रायबरेली सत्र न्यायालय ने ललित तिवारी हत्याकांड के चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। आरोपी अंकित, योगेन्द्र कुमार, पिंकी और पंकज ने धारा 108 के तहत दर्ज मामले में जमानत मांगी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार याची अमरदीप सिंह उर्फ पिंकू ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उनके पुत्र ललित तिवारी को प्रेम-प्रसंग के चलते बुलाया था और उसके बाद पीटने के बाद हत्या कर शव को लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर पेड़ पर लटका दिया था। यह घटना 14 मई 2026 की रात में हुई थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि ललित तिवारी पिंकी से शादी करना चाहा था, लेकिन परिवार के विरोध के कारण उसने आत्महत्या कर ली। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि पिंकी की शादी घटना वाले दिन ही कहीं और हो रही थी। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
न्यायालय ने मामला डायरी और अभियोजन प्रपत्रों का अवलोकन किया। आत्महत्या नोट में ललित को पंकज और पिंकी द्वारा अपने चाचा के लड़के गोलू व अंकित से मरवाने का जिक्र था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर गला दबाने से दम घुटने और अन्य चोटों की पुष्टि हुई। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने जमानत देने के पर्याप्त आधार नहीं पाए। साथ ही जमानत याचिका को खारिज कर दिया।