यादव सिंह व उनकी पत्नी कुसुमलता
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता की मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। हालांकि, जमानत खारिज होने के बावजूद उसे न्यायिक हिरासत में जेल नहीं भेजा जा सका।
सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक जमानत अर्जी खारिज होने के 30 दिन तक कुसुमलता को न्यायिक हिरासत में जेल नहीं भेजा जाएगा। कुसुमलता ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के साथ इन दोनों मामलों में ईडी के विशेष न्यायाधीश एनके जौहरी की अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत की गुहार लगाई थी।
इससे पहले ईडी के विशेष वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आठ अक्तूबर 2015 को ईडी ने लखनऊ में यादव सिंह व अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दो मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इस पर ईडी की विशेष अदालत ने कुसुमलता को भी तलब करते हुए उसके खिलाफ समन जारी किया था। एक मामला 19 करोड़ 42 लाख 32 हजार 63 रुपये जबकि दूसरा 23 करोड़ 15 लाख 41 हजार 514 रुपये का है।