लखनऊ। सीएए के विरोध के दौरान पुलिस पर जानलेवा हमला, लोक व्यवस्था बिगाड़ने, तोड़फोड़ करने और गिरोहबंद अधिनियम के आरोपी अब्दुल हामिद, मो. इकबाल और कफील की जमानत अर्जी को गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश मयंक त्रिपाठी ने खारिज कर दी। कोर्ट में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अवधेश सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मामले में आरोपियों पर गैंगस्टर की रिपोर्ट कैसरबाग के थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने दर्ज कराई थी और बताया था कि उन्हें पता चला है कि इरफान एक शातिर और खतरनाक किस्म का अपराधी है जिसका एक संगठित गिरोह है और वह अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक, भौतिक व अन्य लाभ के लिए अपराध करता है। बताया गया कि वह बलवा, आगजनी, हत्या का प्रयास और मारपीट जैसे अपराधों में शामिल रहा है। सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और हत्या का प्रयास करने समेत अन्य मामलों में इरफान, शहनाज, मो. समीर समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनके जेल में रहने के दौरान ही पुलिस ने इस मामले में बाद में गैंगस्टर की कार्यवाही करते हुए इरफान, कफील, अब्दुल हमीद, मो. इकबाल, नियाज समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया है।