बहराइच जिले में बुधवार को तेंदुए की सक्रियता ने दो अलग-अलग स्थानों पर दहशत फैला दी। फखरपुर क्षेत्र में नित्यक्रिया के लिए खेत गई एक महिला पर तेंदुए ने हमला कर उसकी जान ले ली, जबकि सुजौली क्षेत्र के बर्दिया गांव में तेंदुए ने एक आठ वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है और वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में टीम तैनात कर दी है।
फखरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत उमरी दहलौ में बुधवार देर शाम शांति (55) पत्नी राजित राम रोज की तरह शौच के लिए खेत की ओर गई थीं। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक तेंदुआ शांति को बुरी तरह घायल कर चुका था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ गन्ने के खेत की ओर भाग गया। परिजन घायल महिला को आनन-फानन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दूसरी तरफ, बुधवार शाम को सुजौली थाना क्षेत्र के बर्दिया गांव में तेंदुए ने आठ वर्षीय इरशाद पुत्र अकील पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इरशाद मस्जिद में नमाज पढ़कर घर लौट रहा था, तभी कल्लू मास्टर के घर के पास झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक बालक पर झपट्टा मारा। बच्चे की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर जुट गए और हाका लगाना शुरू किया। भीड़ बढ़ते ही तेंदुआ बच्चे को छोड़कर खेतों की ओर भाग गया। बालक के गले और गर्दन पर गहरे जख्म आए हैं। परिजनों ने उसे पीएचसी सुजौली पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सीएचसी मिहीपुरवा रेफर कर दिया।
घटनाओं की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि फखरपुर की घटना प्रथम दृष्टया तेंदुए का हमला लग रही है। टीम को मौके पर भेज दिया गया है। वहीं, कतर्नियाघाट रेंज के रेंजर आशीष गौड़ ने बताया कि बर्दिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में वनकर्मियों की टीम तैनात कर दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने, विशेषकर बच्चों को अकेले न भेजने की सलाह दी गई है।
नेपाल सीमा से सटे इलाकों में पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोग दहशत में हैं और वन विभाग ने निगरानी बढ़ाकर गश्त तेज कर दी है।