बहराइच हिंसा से जुड़े आरोपियों के घरों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के मामले में सरकार ने उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में बताया कि ध्वस्तीकरण की नोटिस वापस ले ली गई है। अदालत ने याचिका दाखिल करने वाली संस्था के अधिवक्ता से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ जन हित याचिका का क्या औचित्य है। याची अधिवक्ता ने बताया कि सरकार ने संप्रदाय विशेष के खिलाफ बदले की भावना से की कार्रवाई जिसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई में याचिका दाखिल करने वाली संस्था का हलफनामा न पाकर मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर नियत की है।