नोटिस चस्पा करते अधिकारी
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महराजगंज हिंसा के दौरान जब बहराइच में प्रदेश के एडीजी लाइन ऑर्डर व एसटीएफी यूपी के चीफ अमिताभ एस पहुंचे थे तो उनको ड्यूटी के दौरान एक एएसपी लापरवाही करते मिले थे। पुलिस विभाग से जुड़े विश्वस सूत्र बताते है कि इन एएसपी के बारे में शासन को रिपोर्ट उच्चाधिकारियों ने भेजी है जिससे इन पर कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां हिंसा हो रही थी वहां पर मामले को संभालने के बजाय एएसपी पुलिस फोर्स लेकर काफी दूर खड़े थे। इसके बाद एसटीएफ चीफ ने पहुंचकर वहां मामला संभाला था। बता दें कि इसी मामले में लापरवाही पर सीओ रूपेंद्र गौड़ को शासन स्तर से निलंबित किया जा चुका है। वहीं महसी तहसीलदार रविकांत द्विवेदी को भी लापरवाही के चलते वहां से हटाकर डीएम कार्यालय अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य कई लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी जल्द ही शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
बोली डीएम, हटना है अतिक्रमण
महराजगंज कस्बे में सड़क का चौड़ीकरण होना है, उसके चलते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी। इसके लिए लोकनिर्माण विभाग व तहसील प्रशासन के स्तर पर काम किया जा रहा है। हिंसा प्रभावित इलाके में जो भी नुकसान हुआ है उसका भी टीमें आंकलन कर रही है। जो भी दोषी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।- मोनिका रानी, डीएम
चप्पे चप्पे की हो रही है निगरानी।
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महसी के महराजगंज में हिंसा पर काबू पाने के बाद भी छठे दिन शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। आईपीएस अफसरों, कमांडो व पुलिस फोर्स के बूटों की खट-खट लोगों को राहत देती रहीं, लेकिन डर और आशंका के बीच ज्यादातर लोग अपने-अपने घरों में कैद रहे। कस्बे में सिर्फ दो-चार ही दुकानें खुलीं।
प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में करने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन लोगों में डर अभी भी बना हुआ है। जिला प्रशासन ने तीन दिन पहले लोगों के साथ बैठक कर दुकानें खोलने की अपील की थी। मुस्लिम धर्मगुरुओं के लगातार शांति बनाए रखने की अपील के बाद बृहस्पतिवार को बाजार की कुछ दुकानें खुलीं, लेकिन शुक्रवार को आईपीएस अफसर के नेतृत्व में कमांडो व पुलिस फोर्स के बूटों की धमक के कारण शायद लोगों ने दुकानें बंद कर रखी थीं।
बहराइच पहुंचा भारी मात्रा में पुलिस बल।
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शुक्रवार को जुमे की नमाज सकुशल संपन्न कराने से पहले जिला प्रशासन ने महराजगंज में भारी पुलिस फोर्स तैनात की थी कि नमाज पढ़ने में किसी को कोई दिक्कत न हो। लेकिन बीते रविवार को हुई हिंसा के खौफनाक मंजर को याद कर आरोपी के घर के सामने शायद लोग नमाज पढ़ने के लिए स्वयं मस्जिद नहीं आए। वहीं लोगों में यह भी चर्चा रही कि मस्जिद के इमाम के न होने की वजह से नमाज पढ़ने कोई नहीं आया। वहीं पूरे महराजगंज कस्बे में सन्नाटा छाया रहा। इसके चलते किसी भी मस्जिद में नमाज नहीं हो सकी। यहां पर मुख्य आरोपी के घर के बाहर भी पुलिस व एटीएस व एसटीएफ के सशस्त्र कमांडो तैनात रहे।