फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich: नदी और नालों के जरिये हो रही बेशकीमती बेंत की तस्करी, वन कर्मियों की संलिप्तता की भी चर्चा

Thu, 10 Jul 2025 09:43 AM IST
ishwar ashish मनोज तिवारी, अमर उजाला, मिहीपुरवा (बहराइच)

सार

कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र से बेशकीमती बेंत की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। इस लकड़ी से महंगे फर्नीचर बनाए जाते हैं।
विज्ञापन
नाव से बेत की लकड़ी की तस्करी कर ले जाते तस्कर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्राकृतिक विविधताओं के लिए पहचाने जाने वाले कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में विचरण करते दुर्लभ वन्यजीव व बेशकीमती जड़ी-बूटियां इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। इस संपदा पर तस्करों की नजर है। जड़ी-बूटियों के साथ ही कतर्नियाघाट में बेशकीमती लकड़ियों व हजारों एकड़ में लगे बेशकीमती बेंत की तस्करी की जा रही है।

विज्ञापन


कतर्नियाघाट में लगे बेंत की लकड़ी को काटकर तस्कर जंगल से गुजरने वाले नदी-नालों के जरिए लखीमपुर ले जा रहे हैं। जंगल में नदी के रास्ते जारी बेंत की तस्करी के दो वीडियो भी सामने आए हैं। जिसमें तस्कर दो नावों पर बेंत की लकड़ी काट कर नदी के रास्ते जाते दिख रहे हैं। हालांकि अमर उजाला इन वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। कतर्नियाघाट वन रेंज को कोर जोन घोषित किया गया है और यहां बिना अनुमति प्रवेश प्रतिबंधित है। लेकिन तस्कर धड़ल्ले से तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। कुछ ग्रामीण वन कर्मियों की संलिप्तता की भी चर्चा कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें - शराब से यूपी को 56000 करोड़ रुपये का राजस्व, पांच लाख को रोजगार, आईएसडब्लूएआई ने जारी की रिपोर्ट
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - बड़ा खुलासा: हैवान छांगुर ने कराए डेढ़ हजार से ज्यादा हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण, मुंबई और दुबई में था नेटवर्क; जिला पुलिस पर उठे सवाल


कतर्नियाघाट वन रेंज में हजारों एकड़ में फैले बेंत से महंगे फर्नीचर बनाए जाते हैं। बड़े-बड़े होटलों व घरों में लोग बेंत से बनीं कुर्सियां व मेज रखते हैं, जो आकर्षण का केंद्र रहते हैं। 
विज्ञापन


कतर्नियाघाट वन रेंज के रेंजर आशीष गौड़ का कहना है कि जंगल में बेंत की तस्करी नहीं हो रही है। वीडियो पूर्व में हुई कार्रवाई का हो सकता है। पूर्व में दो नावों पर लदी बेंत की लकड़ी को बरामद किया गया था। तस्करों के खिलाफ सघन जांच की जाती है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें