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बहराइच हिंसा: बेलगाम हुई भीड़, एडीजी अमिताभ यश के सामने की तोड़फोड़-आगजनी, करनी पड़ी हवाई फायरिंग

Tue, 15 Oct 2024 06:45 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

Bahraich violence: बहराइच में मृतक रामगोपाल मिश्रा का शव घर में पहुंचने के बाद भीड़ बेलगाम हो गई। लखनऊ से भेजे गए एडीजी कानून अमिताभ यश के सामने भी लोग तोड़फोड़ करते रहे। 
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बहराइच सांप्रदायिक हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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विसर्जन जुलूस में मृत हुए रामगोपाल का शव गांव पहुंचने के बाद भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने जगह जगह तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। तोड़फोड़ व आगजनी की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश को बहराइच के लिए रवाना किया। बहराइच पहुंचने के बाद तत्काल अमिताभ यश प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान महसी के रमपुरवा चौकी पर आक्रोशित भीड़ ने एडीजी के सामने ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिसके बाद उन्होंने अपनी पिस्टल से हवा में फायरिंग की और पिस्टल लहराते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों को दौड़ाया। जिसके बाद लोग मौके से भाग गए। इसके बाद मौके पर पीएसी तैनात कर दी गई। वहीं एडीजी अमिताभ यश टीम के साथ महराजगंज कस्बे की ओर रवाना हुए।

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आक्रोशित ग्रामीणों ने महसी-राजीचौराहा मार्ग किया जाम

जिले में कई जगहों पर आगजनी हुई। - फोटो : amar ujala
 महराजगंज कस्बे में विसर्जन के दौरान दूसरे समुदाय के लोग हरदी थाना क्षेत्र के रेहुवा मंसूर गांव निवासी रामगोपाल को खींच कर घर में ले गए थे। साथ ही उसके साथ बर्बरता के साथ मारपीट करते हुए गोली मार दी थी। जिसमें राम गोपाल की मौत हो गई थी और भीड़ उग्र हो गई थी। जिसके बाद सीतापुर, लखनऊ व मिहींपुरवा हाईवे जाम कर प्रतिमा विसर्जन रोक दिया गया था। यही नहीं शहर के घंटा घर व अस्पताल चौराहे पर भी विसर्जन रोक कर प्रदर्शन शुरु हो गया था। वहीं मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर रामगोपाल का शव रखकर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी थी।

प्रदर्शन व नारेबाजी की सूचना के बाद विधायक महसी सुरेश्वर सिंह, डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला मौके पर पहुंची थी और भारी मान मनौव्वल के बाद शव को कब्जे में लिया था। साथ ही सुबह लगभग छह से सात के बीच मृतक रामगोपाल के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को दिया गया। लेकिन शव रेहुवा गांव पहुंचते ही स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। शव पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरु कर दिए। इस दौरान लोगों को समझा कर दाह संस्कार करवाने पहुंचे तहसीलदार को लोगों ने खदेड़ लिया।
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हिंसा के बाद महराजगंज के सभी व शहर के कुछ स्कूल बंद

घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव। - फोटो : अमर उजाला।

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