पिछड़े वर्ग में आरक्षण की बात होती है तो यादवों का दबदबा बताया जाता है लेकिन, पीसीएस सेवा संवर्ग में यादव से ज्यादा कुर्मी अधिकारी हैं। पीसीएस संवर्ग में 96 कुर्मी और 94 यादव अफसर हैं।
वहीं, समूह ‘क’ में कुर्मी तो ‘ख’ में यादवों का दबदबा है। इसका खुलासा कार्मिक विभाग की आयोग को भेजी गई रिपोर्ट से हुआ है। यानी संविधान में निर्धारित आरक्षण से ज्यादा पिछड़ा वर्ग के लोग सेवा में हैं।
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों अन्य पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति का गठन किया था। समिति ने कई संवर्गों में अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मियों की हिस्सेदारी और उसमें उपजातियों की भागीदारी के आंकड़े विभागों से मांगे थे।
आयोग को भेजी गई सूचना से खुलासा हुआ कि समूह ‘क’ में सर्वाधिक कुर्मी, चनऊ, पटेल, पटनवार, कुर्मी-मल्ल, कुर्मी-सैंथवार जाति के 38 अधिकारी हैं। यह अन्य पिछड़ा वर्ग के कुल अधिकारियों की संख्या का 44.18 प्रतिशत है। वहीं, समूह ‘क’ में नंबर दो पर यादव हैं। इनमें अहीर, यादव, ग्वाला व यदुवंशीय अफसरों की संख्या 24 है। साथ ही यह अन्य पिछड़ा वर्ग के कुल अभ्यर्थियों का 27.90 प्रतिशत है।
उधर, समूह ‘ख’ में यादव व यदुवंशी अफसरों की संख्या सर्वाधिक 70 है। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग के कुल अधिकारियों की संख्या का 31.17 प्रतिशत है। समूह ख में 58 अधिकारियों के साथ कुर्मी जातियां नंबर दो पर हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग में इनकी भागीदारी क्रमश: 25 प्रतिशत है। यादव व कुर्मी के बाद समूह ‘क’ में सर्वाधिक 5.68 प्रतिशत जाट व समूह ‘ख’ में 8.62 प्रतिशत मुराव की भागीदारी है। इसके बाद आईएएस से जुड़ी सूचनाएं केंद्र सरकार के कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से मांगी गई हैं।