अयोध्या स्थित ढांचा ध्वंस मामले में अदालत ने बचाव पक्ष को लिखित बहस दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की है। अदालत ने कहा कि अगर बचाव और अभियोजन पक्ष मौखिक बहस भी करना चाहते हैं तो व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 31 अगस्त को कर सकते हैं।
इसके पहले सुनवाई के समय बचाव पक्ष ने समय की मांग की। इस पर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सीबीआई ने 21 अगस्त को अपनी लिखित बहस दाखिल कर दी थी। बचाव पक्ष के वकील को उसकी प्रति दी गई थी लेकिन कई तारीखों के बाद भी लिखित बहस दाखिल करने के बजाय हमेशा समय देने की मांग की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 30 सितंबर तक निर्णय देने का आदेश दिया है।
मामले में अभियोजन की ओर से 351 गवाहों के साथ ही 600 से अधिक सुबूत पेश किए गए हैं, जिनके पूर्ण परीक्षण के बाद निर्णय लिखने में काफी समय की जरूरत होगी। कोर्ट ने बचाव पक्ष को अंतिम अवसर देते हुए कहा कि सभी आरोपी 31 अगस्त तक हर हाल में अपना लिखित बहस दाखिल करना सुनिश्चित करें, अन्यथा उनका अवसर समाप्त करते हुए फैसला सुना दिया जाएगा।