उत्तर प्रदेश अब प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा के संदिग्धों की पनाहगाह बनता जा रहा है। पिछले एक माह में पंजाब के इस आतंकी गुट के आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध यूपी एटीएस और पंजाब पुलिस ने मिलकर गिरफ्तार किए हैं।
सूत्रों का कहना है इस ग्रुप से जुड़े कई और अपराधी यूपी के अलग-अलग जिलों में छिपे हो सकते हैं। जिनकी तलाश में पंजाब पुलिस यहां डेरा डाले है।
पिछले महीने की 16 तारीख को यूपी एटीएस ने पंजाब पुलिस की मदद से राजधानी के नाका हिंडोला क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल से बब्बर खालसा ग्रुप के एक आतंकी बलवंत को गिरफ्तार किया था।
उसकी निशानदेही पर अगले दिन 17 अगस्त को उन्नाव से बब्बर खालसा ग्रुप के दुर्दांत अपराधी जसवंत सिंह उर्फ काला को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद इसी महीने की 16 तारीख को पीलीभीत में छिपकर रह रहे इसी ग्रुप के दो और संदिग्धों को पंजाब पुलिस और एटीएस ने गिरफ्तार किया। जिसमें अमनदीप और हरजिंदर के साथ सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया गया पिंटू तिवारी भी शामिल था।
पहले पंजाब पुलिस ने इन्हें गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार करने की बात कही थी। बाद में पूछताछ में इनसे बब्बर खालसा ग्रुप के लोगों के बारे में अहम जानकारियां मिलीं।
सूत्रों का कहना है कि पीलीभीत से पकड़े गए अमनदीप और हरजिंदर हार्डकोर अपराधी हैं। इसके अलावा मंगलवार को लखीमपुर खीरी से दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया जो बब्बर खालसा ग्रुप के लोगों को हथियार सप्लाई करता था।
आईजी एटीएस असीम अरुण बताते हैं कि पंजाब में बब्बर खालसा ग्रुप के लोगों पर कार्रवाई तेज होते ही ग्रुप से जुड़े लोग यूपी, एमपी, बिहार और राजस्थान में पनाह लेते हैं।
ऐसे में इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि कई और संदिग्ध यूपी में हैं। पंजाब पुलिस बराबर हमारे संपर्क में है और जिस अपराधी को पकड़ने के लिए वह मदद मांग रही है उसे पकड़ कर उनके सुपुर्द किया जा रहा है।