Baba Siddiqui murder case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवाा ने हत्या के बाद गौशाला में शरण ले थी। स्नैपचैट के माध्यम से उसकी लॉरेंस के भाई से बात होती थी।
बाबा सिद्दीकी की हत्या करने वाले मुख्य शूटर शिव कुमार की महाराष्ट्र के शुभम लोनकर ने कई बार उसकी स्नैपचैट से लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नाेई से बात कराई थी।
विज्ञापन
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शिवकुमार ने कबूला है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उसे 10 लाख रुपये मिलने थे। साथ ही, हर महीने भी कुछ पैसा देने का वादा किया गया था। वारदात के बाद आपस में बात करने के लिए उनको नये सिम व मोबाइल भी दिए गए थे। बाबा सिद्दीकी की लगातार रैकी कर रहे थे। जिसके बाद 12 अक्तूबर की रात सही मौका मिलने पर बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी।
उस दिन त्योहार होने के कारण भीड़भाड़ भी थी, जिसकी वजह से दो शूटरों को पुलिस ने मौके पर पकड़ लिया, जबकि शिवकुमार फरार हो गया। उसने अपना फोन रास्ते में फेंक दिया और मुंबई से पूना चला गया। पूना से झांसी व लखनऊ होकर बहराइच आया। रास्ते में अपने साथियों व हैंडलर्स से किसी का भी फोन मांग कर बात करता रहा। शिवकुमार ने कबूला कि अनुराग कश्यप ने ट्रेन से एक यात्री से फोन मांग कर बात की, तो उसने कहा अखिलेंद्र, ज्ञान प्रकाश व आकाश ने तुम्हारे नेपाल में एक सुरक्षित ठिकाने पर छिपने की व्यवस्था कर ली है। इसीलिए वह बहराइच आने के बाद सोमवार को अपने साथियों के साथ वापस नेपाल भागने की फिराक में था।
विज्ञापन
बहराइच आकर भाग गया नेपाल
उसने बताया कि वारदात के बाद तीनों शूटरों को जम्मू जाना था। कटरा में उनकी मुलाकात होनी थी, लेकिन दो शूटरों के मौके से गिरफ्तार होने से यह योजना नाकाम हो गई। जिसके बाद वह बहराइच आकर नेपाल भाग गया। वह नेपालगंज की एक गोशाला में कई दिनों तक शरण लिए रहा। रविवार को उसके वापस बहराइच आने की पुख्ता सूचना पर एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में टीम ने मुंबई पुलिस के सहयोग से शिवकुमार समेत पांचों आरोपियों को रोडवेज की बस से दबोच लिया। उनके पास से बरामद बैग में कपड़े और मोबाइल आदि बरामद हुआ है। पांचों को नानपारा कोतवाली में दाखिल कराया गया है, जिन्हें पुलिस पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ लेकर जाएगी।