लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले बीए प्रथम वर्ष के छात्र नवीन कुमार (20) ने सुभाष छात्रावास के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। चर्चा है कि नवीन ने अवसाद के कारण आत्महत्या की है।
मूल रूप से बलिया के उतरौसा सिकंदरपुर निवासी नवीन कुमार सुभाष छात्रावास के कमरा नंबर 52 में रूममेट यशवीर के साथ रहते थे। यशवीर 26 फरवरी को घर चले गए थे। नवीन रूम में अकेले थे। उनके पिता नागेंद्र ने बताया कि बेटा बीए की पढ़ाई के साथ बैंकिंग की तैयारी कर रहा था। रविवार दोपहर बैंकिंग का पेपर था। शनिवार को बात हुई थी। उसने पेपर देने के बाद होली में घर आने की बात कही थी।
रविवार सुबह उन्होंने बेटे को जगाने के लिए कॉल किया, तो फोन नहीं उठा। उन्होंने बेटे के साथियों को फोन कर रूम में जाकर देखने के लिए कहा। हॉस्टल के साथी नवीन के कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। छात्रों ने वार्डन को सूचना दी। दोपहर करीब एक बजे कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो नवीन का शव पंखे में नायलॉन की सफेद रस्सी के सहारे लटका मिला। सूचना पर हसनगंज पुलिस व फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने नवीन के मोबाइल को जांच के लिए कब्जे में ले लिया।
इंस्पेक्टर हसनगंज चितवन कुमार का कहना है कि छात्र ने आत्महत्या क्यों की इसका पता नहीं चल सका है। अन्य छात्रों ने बताया कि नवीन व्यवहार से एकांतप्रिय थे और कुछ दिनों से उनमें अवसाद के लक्षण दिख रहे थे।
चार्जिंग में लगे मोबाइल पर बज रहे थे गाने
हाॅस्टल के छात्रों ने बताया कि नवीन दो दिन पहले ही घर से लौटे थे। प्रोवोस्ट के निर्देश पर जब दोपहर में दरवाजा तोड़ा गया तो नवीन का मोबाइल चार्जिंग में लगा मिला और उसमें गाने बज रहे थे। जिस सफेद रंग की रस्सी के सहारे नवीन का शव लटका मिला वह बिल्कुल नई और मजबूत थी।
छात्र नवीन कुमार की फाइल फोटो व सूचना पर हॉस्टल पहुंचे परिजन।
छात्र नवीन कुमार की फाइल फोटो व सूचना पर हॉस्टल पहुंचे परिजन।
छात्र नवीन कुमार की फाइल फोटो व सूचना पर हॉस्टल पहुंचे परिजन।
छात्र नवीन कुमार की फाइल फोटो व सूचना पर हॉस्टल पहुंचे परिजन।