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आजम का ऐलान, मोदी के खिलाफ मैदान में उतरो!

Thu, 13 Nov 2014 01:38 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री आजम खां ने बुधवार को महफिल सजाई थी मुतवल्लियों का दर्द सुनने के लिए। वक्फ संपत्तियों से जुड़ी मुश्किलों को समझकर उन्हें दूर करने के लिए, मगर उन्होंने बड़ी चतुराई से पूरी महफिल को सियासी रंग दे दिया।
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आजम ने कहा कि देश में आज ऐसे हालात बने हैं कि इस्लाम को मानने वाले दहशत में हैं। आजम ने न सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी पर, बल्कि लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी को वोट न देने वालों को पाकिस्तान जाने की बात कहने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी करारा हमला बोला। उन्होंने मुसलमानों से मोदी के खिलाफ जंग के मैदान में उतरने की अपील भी की।

खां ने प्रदेश भर से जुटे लोगों से मिलने वाले सियासी लाभ पर नजर गड़ाते हुए बड़े जज्बाती ढंग से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से जुड़ी बेहद अंतरंग बातचीत का भी खुलासा कर दिया। वे सपा मुखिया को ‘मुल्ला मुलायम’ कहने से मिलने वाले सियासी लाभ से भी आगे बढ़ गए।
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मौका था सुन्नी वक्फ बोर्ड के बैनर तले इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय वक्फ कॉन्फ्रेंस का। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्य अतिथि थे तो आजम खां अध्यक्षता कर रहे थे।

गुजरात के कातिल को वोट देना पड़ा

कॉन्फ्रेंस की पहली पाली में आजम ने मुतवल्लियों की समस्याएं सुनीं तो उनके समाधान के रास्ते भी पूछे। बीच-बीच में समस्याओं को हल करने के प्रयासों की जानकारी भी दी।

वहीं, मुख्यमंत्री की मौजूदगी में खां ने दूसरे सत्र को पूरी तरह सियासी रंग दे दिया। खां ने वक्फ की संपत्तियों से खिलवाड़ करने वाले को अल्लाह का गुनहगार बताने के साथ अपनी तकरीर शुरू की और अगले ही पल प्रधानमंत्री मोदी पर बरसने लगे।

आजम ने कहा कि इस्लाम को अपनाने वाले लोग आज दहशत में हैं। मोदी को वोट न देने वालों को पाकिस्तान जाने की बात करने वाला आज हिंदुस्तान चला रहा है। यह देश की खुशनसीबी नहीं है। इससे सबक लेना होगा।

आजम ने मुख्यमंत्री की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि आप जिम्मेदारी महसूस करो। हम बहुत दु:खी हैं। गुजरात में जहां सबसे ज्यादा लोग मारे गए, उस कातिल को वोट देना पड़ा। जालिम यही चाहता है कि मारे गए लोग उसकी जय-जयकार करते रहें। मुतवल्लियों से पूछा कि वे कातिल के रहमो करम पर जीना चाहते हैं या अपनी तरह से। ...आवाज गूंजी...नारे तदबीर...।

आजम बोले..तो मैदान-ए-कर्बला में निकल कर चले आओ। इसके बाद वे ‘मुल्ला मुलायम’ से लेकर मुलायम और अपने बीच की अंतरंग बातों पर उतर आए।
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बाकी कर रहे किसी के आगे आने का इंतजार

सामने बैठी महफिल से मुलायम-आजम जिंदाबाद के नारे आने लगे। शायद आजम को अंदाजा हो गया था कि निशाना बिल्कुल सटीक पड़ रहा है। वे रौ में बहते रहे।

कहा, आज 31 फीसदी ने हिंदुस्तान की जिंदगी को जहर बना दिया। बाकी लोग किसी के बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। वे पीछे चलने को तैयार हैं। एक ओर सत्ता है, दूसरी ओर सन्नाटा। मुख्यमंत्रीजी इसे भरना है। यह महफिल उन हाथों में जाने को तैयार है जो अपने को साबित कर चुका है। बहुत कुछ सुन चुका है। फिर आवाजें गूंजीं-मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद..।

आजम ने वक्फ से जुड़ी मांगें भी बड़ी खूबसूरती से रखीं। खूब तालियां बटोरीं। कई दूसरे वक्ता भी मिशन 2017 की चुनौती का जिक्र करना नहीं भूले।
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