विधानसभा में सोमवार को धर्मांतरण का मामला जोर-शोर से गूंजा। कुछ देर के लिए कांग्रेस व भाजपा सदस्यों के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले।
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने भी जवाब देते हुए भाजपा पर तीखे वार किए लेकिन वे कांग्रेस सदस्यों को संतुष्ट नहीं कर पाए। कांग्रेस सदस्यों ने बाद में सदन से बहिगर्मन किया। आजम ने कांग्रेस सदस्यों से यह भी कहा कि वह उन्हें सदन से नहीं, बल्कि धर्मांतरण को भाजपाइयों के दिमाग से निकलवाएं।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने अगस्त से दिसंबर 2014 के बीच धर्मांतरण के खिलाफ दर्ज मामलों और उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है, धार्मिक स्वतंत्रता के हनन की घटनाएं बढ़ गई हैं।
इस पर भाजपा सदस्य चुप रहे। संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने जवाब देते हुए कहा कि आगरा में नौ दिसंबर 2014 को एक मामला दर्ज किया गया। इसमें इस्माइल की तहरीर पर नंद किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
'रिपोर्ट में धर्म परिवर्तन का जिक्र नहीं'
अनुग्रह ने अनुपूरक सवाल के जरिये धर्म जागरण मंच के राजेश्वर सिंह पर कार्रवाई न होने को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि राजेश्वर सिंह वहां उपस्थित थे लेकिन मंत्री ने उनके बारे में जिक्र नहीं किया। आजम ने बताया कि रिपोर्ट में धर्म परिवर्तन न होने की बात कही गई है।
मजहब इतनी सस्ती चीज नहीं कि एक वक्त की रोटी के लिए कोई अपना मजहब बदल दे। हालांकि जांच हो रही है, संविधान के साथ खिलवाड़ कर गैर जिम्मेदाराना बयान देने वालों पर कार्रवाई होगी।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी धर्म परिवर्तन कराए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने अन्य घटनाओं पर भी सरकार से जवाब मांगा।
इस पर भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना व राधा मोहन दास अग्रवाल आदि खड़े होकर माथुर के आरोपों को कार्यवाही से निकालने की मांग करने लगे। भाजपा सदस्य वेल में पहुंच गए और शोर-शराबा करने लगे। अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के समझाने पर वे वापस हुए तो संसदीय कार्यमंत्री ने भाजपा सदस्यों से ही सवाल कर दिया।
'दिल्ली में मिल गया जवाब'
आजम ने कहा कि भाजपा को इतना बुरा क्यों लग रहा? माथुर ने उन्हें कुछ कह दिया क्या? वे इसे सदन की कार्यवाही से नहीं, भाजपा की मानसिकता से निकलवाएं।
इस बीच माहौल काफी उत्तेजक हो गया। अनुग्रह ने कहा कि माथुर ने कोई गलत टिप्पणी नहीं की है। इस बीच आजम ने कहा कि यह घटना पूरे देश के माहौल को जला देने के लिए काफी थी, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ने नहीं दिया।
पूरे मामले की जांच चल रही है, जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। जो लोग देश जलाना चाहते थे, उन्हें दिल्ली में जवाब मिल गया है। हालांकि कांग्रेस सदस्य मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और सदन से बहिगर्मन कर गए।