भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी
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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने पूर्व मंत्री और सपा नेता आजम खां को युवाओं के सपनों का हत्यारा बताते हुए कहा कि अब उनके बुरे दिन आने वाले हैं। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और जहरीले बयानों के लिए कुख्यात आजम के भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। उनके समेत अखिलेश सरकार के कई मंत्री और नौकरशाह जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
बुधवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में राकेश त्रिपाठी ने कहा, जल निगम में हुई भर्तियों में भ्रष्टाचार की काफी शिकायतें मिली थीं। योगी सरकार ने उसकी जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी ने इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता पाई है। जांच एजेंसी ने आजम सहित 5 लोगों पर भ्रष्टाचार की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
कहा कि भाजपा ने चुनावों से पहले जो संकल्प पत्र जारी किया था, उसे योगी सरकार पूरा कर रही है। मायावती और अखिलेश सरकार में सरकारी ठेकों सहित भर्तियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। अब सच्चाई साक्ष्यों के साथ सामने आ रही है।
जल निगम में 1300 पदों पर हुई भर्ती में गड़बड़ियों पर सपा सरकार में नगर विकास मंत्री रहे आजम खान पर मुकदमा चलेगा। आजम खां के साथ ही उनके निजी सचिव रहे सैयद आफाक, पूर्व सचिव नगर विकास एसपी सिंह, जल निगम के तत्कालीन एमडी पीके आशुदानी और तत्कालीन चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे व अन्य के खिलाफ एसआईटी ने केस दर्ज किया है। इन सभी पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों से छेड़छाड़, साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने का आरोप है।
2016 में सहायक अभियंता, अवर अभियंता, क्लर्क के 1300 पदों पर वैकेंसी निकाली गई थी। 4 जनवरी 2017 को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद 16 जनवरी तक जॉइनिंग की डेट दी गई थी। इसके लिए न वित्त विभाग से मंजूरी ली गई और न चुनाव आयोग से।
परीक्षा कराने वाली एजेंसी का भी जिक्र, पर कोई अफसर नामजद नहीं
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 120 बी, 201 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा परीक्षा कराने वाली कंपनी अप्टेक को भी गड़बड़ियों में शामिल होने का जिम्मेदार माना गया है। एफआईआर में कंपनी का भी जिक्र किया गया है। हालांकि अप्टेक के किसी अधिकारी को नामजद नहीं किया गया है।