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आजम बोले, 'जिम्मेदारियों से भाग रही सरकार'

Fri, 27 Jun 2014 01:08 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के लिए बड़े-बड़े वादे करने वाले अब जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
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आजम के अनुसार भाजपा ने जिन नारों के जरिये सत्ता हासिल की अब उसकी जिम्मेदारी राज्यों पर डाली जा रही है।

भाजपा को बताना चाहिए कि नदियों को शुद्ध करने के लिए केंद्र ने अब तक क्या कार्रवाई शुरू की है। केंद्र ने नदियों की सफाई के लिए राज्यों को पत्र लिखा है।

महंगाई के लिए भी राज्यों को पत्र लिखा है। दोनों ही जिम्मेदारी केंद्र की है और इसी पर ये सत्ता में आए हैं।
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सदन में हुआ हंगामा

गौरतलब है कि नदियों के प्रदूषण को लेकर विधानसभा में बृहस्पतिवार को खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य पश्चिमी यूपी में चीनी मिलों का गंदा पानी नदियों में बहाए जाने की जांच के लिए संसदीय समिति के गठन की मांग कर रहे थे।

भाजपा सदस्यों का कहना था कि उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को प्राथमिक शोधन के बाद दोबारा शोधन होना चाहिए और इसके बाद ही पानी नदी में छोड़ा जाना चाहिए।

सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के सदस्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योगों के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए सदन से बाहर चले गए।

इसके बाद भाजपा के सदस्यों ने भी यह कहते हुए बहिर्गमन किया कि मंत्री के पास पूरी जानकारी नहीं है और सरकार नदियों के प्रदूषण को रोकने के प्रति संवेदनशील नहीं है।

प्रदूषण करने वालों पर हुई है कार्रवाई

भाजपा के सतीश महाना के एक सवाल के जवाब में जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने बताया कि नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय जल गुणवत्ता अनुश्रवण प्रोग्राम के तहत गंगा, वरुणा, काली, रामगंगा, सई, हिंडन, गोमती, सरयू, यमुना, घाघरा, राप्ती, बेतवा, रिहंद जलाशय, रामगढ़ लेक, गोविंद सागर, समरपुर झील, माहिल और लक्ष्मी तालाब के 53 स्थलों पर पानी की गुणवत्ता का अध्ययन कराया जाता है।

वहीं उद्योगों को प्रदूषित जल शुद्धीकरण संयंत्र लगाना अनिवार्य है। इसका पालन न करने वाले उद्योगों के खिलाफ जल प्रदूषण अधिनियम 1974 के प्रावधानों केअंतर्गत कार्रवाई की जाती है।

ट्रीटमेंट प्लांट न लगाने पर 43 फैक्ट्रियों को बंद कराया
अनुपूरक सवालों के जवाब में राज्यमंत्री ने बताया कि नदियों के किनारे 1868 उद्योग लगे हैं। ट्रीटमेंट प्लांट न लगाने पर 43 फैक्ट्रियों को बंद कराया गया है जबकि 25 को चेतावनी व आठ को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।
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नदियों की नहीं राजनीति की चिंता

सदन में सदस्यों ने कानपुर, उन्नाव, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखीमपुर खीरी, खलीलाबाद समेत अन्य जिलों में उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र स्थापित न होने की बात कहते हुए सरकार को घेरा। डॉ. एसपी यादव ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि इन्हें प्रदूषण की चिंता नहीं है, केवल राजनीति करना चाहते हैं।

सदस्य लिखकर दे दें, जहां संयंत्र नहीं हैं जांच कराकर लगवा देंगे। उन्होंने कहा कि यह एक राज्य का मामला नहीं, पूरे देश का है और केंद्र को विशेष कार्ययोजना बनानी चाहिए। यमुना का पानी दिल्ली में ही रोक लिया जाएगा तो आगरा-मथुरा में पानी कहां से आएगा?
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