आजम बोले, मुसलमानों की जान लेने से बेहतर है कि उनसे वोट देने का अधिकार ही छीन लिया जाए। वोट की कीमत जान से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर गाय हिंदुओं के लिए पूजनीय है तो हम भी एहतराम (कद्र) करते हैं। मुसलमानों से अपील करते हैं कि वह गाय का दूध बेचने और उसके खरीद-फरोख्त का कारोबार नहीं करें। अपने कारोबार में तब्दीली करें। रोजी-रोटी कमाने के लिए कई काम किए जा सकते हैं।
केंद्र सरकार भी साधा निशाना
आजम खां ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। कहा कि किसी के भी बैंक खाते में 20 लाख रुपये नहीं आए। प्रति वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा झूठा साबित हुआ, करोड़ों खर्च होने के बाद भी गंगा साफ नहीं हुई।
आजम बोले कि वो कहते हैं कि मंदिर वहीं बनाएंगे... तो बनाइए ना किसने रोका है। नोटबंदी और जीएसटी से देश बर्बाद हो गया है। 1947 में जिन लोगों ने हिंदुस्तान को अपना वतन माना था, आज उनको दोयम दर्जे का नागरिक समझा जा रहा है।