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'अलीबाबा' का हाल नापाक जानवरों जैसा होगा: आजम

Sat, 09 Aug 2014 12:45 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां के शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर हमले लगातार जारी हैं। आजम ने शुक्रवार को यहां जारी बयान में धर्मगुरु का नाम लिए बिना कहा, ‘अलीबाबा’ ने जंग का मैदान छोड़ दिया है।
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‘अलीबाबा’, आप, आपके बहनोई तथा आपकी टीम ने कमान संभाल ली है। जांच में अड़ंगेबाजी न कीजिए, केवल हथकड़ी का इंतजार करिए।

आपके बहनोई ने हुसैनी सराय की चार मस्जिदों को शहीद करके जिस बेशकीमती जमीन की प्लॉटिंग कर दी है, उसका हिसाब-किताब होकर रहेगा। मैं बचकर नहीं निकलने दूंगा। वक्फ की जायदाद को डकैतों के हलक से हाथ डालकर निकाल लिया जाएगा।’

आजम, जव्वाद पर हमलावर होकर बोले, कब्र बेचने वालों का हश्र नापाक जानवरों जैसा होगा।

जव्वाद, अल्लाह और बंदों से माफी मांगें

आजम के हमले यही नहीं रुके। उन्होंने जव्वाद को ढोंगी धर्मगुरु बताते हुए कहा, ‘लखनऊ की 22 बीघा जमीन, जिसके आप मुतवल्ली थे, उसे प्लॉटिंग करके बेचने का अधिकार आपको वक्फ बोर्ड ने दिया या आरएसएस के कारिंदों ने।

इंसान के शरीर पर नापाक जानवर का सर लगाने वाले ‘अलीबाबा’ इंसानियत को शर्मसार करने वाला ऐसा कारनामा करते आपको शर्म नहीं आई।

कभी इस जानवर का सर लगाकर देखो कैसे लगते हो, अन्यथा अपनी वेबसाइट नूर-ए-हिदायत को नापाक जानवर से निजात दिलाओ। अल्लाह और उसके बंदों से माफी मांगो।’

आरएसएस के ‌लिए काम करते हैं जव्वाद

आजम ने उन्हें केसरिया धर्मगुरु बताते हुए कहा कि उनकी (आजम) जानकारी के अनुसार, तथाकथित धर्मगुरु ने हवन कराकर नागपुर के आकाओं (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय) को खुश करने की कोशिश की।

जिस दिन मुसलमान बाबरी मस्जिद की शहादत का गम मनाते हैं, रोजा रखते हैं, उस दिन अपनी बेटी की शादी करके अपने फासिस्ट आकाओं को खुश किया।

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जेल जाने के डर से चुनाव का विरोध

आजम ने आरोप लगाया कि शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव का विरोध इसलिए नहीं है कि धर्मगुरु का कोई सदस्य नहीं है। विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि धर्मगुरु ‘अलीबाबा’ व उनके सहयोगियों को जवाब देना पड़ेगा और जेल जाना पड़ेगा।

आजम ने कहा कि वक्फ की जायदाद को बेचने वालों और एक-एक कब्र का लाखों रुपये में सौदा करने वालों का हश्र नापाक जानवर से भी बदतर होगा।
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