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'राष्ट्रपति भवन और ताजमहल गिरा देने चाहिए'

Sun, 21 Feb 2016 08:19 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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देश के राष्ट्रपति भवन और ताजमहल गुलामी की निशानी हैं, इन्हें गिरा देना चाहिए,कहना है यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान का।
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आजम खान ने कहा, ताजमहल एक हुक्मरां की मोहब्बत के लिए बना था। मेरी नजर में, इसे गिरा देना चाहिए। जिन लोगों ने कहा था कि जो आजम का सिर काटकर लाएगा वही रामभक्त कहलाएगा। अगर ऐसा कहने वाले लोग ताजमहल गिराने आते हैं तो उनमें मैं सबसे आगे रहूंगा।

हालांकि आजम ने ये भी कहा कि भले ही ताजमहल एक बदशाह की मुहब्बत के लिए बनाया गया था लेकिन उसे अब नहीं गिराया जाएगा क्योंकि वो हमारी इज्जत और आमदनी का जरिया है।
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आजम खान ये भी कहा कि गांधी जी को हमारे देश से ज्यादा साउथ अफ्रीका में इज्जत दी जाती है। उन्होंने कहा, बापू की जितनी इज्जत साउथ अफ्रीका में उसके मुकाबले आज हमारे यहां बापू की कोई इज्जत नहीं। उनकी याद में यहां ऐसा कोई म्यूजियम नहीं जिसे कहा जा सके कि ये म्यूजियम बापू के स्टैंडर्ड का है लेकिन साउथ अफ्रीका में ऐसा म्यूजियम है।

वो रेलवे स्टेशन जहां बापू को फेंक दिया गया था उसे सील कर दिया गया है। यहां बापू की ऐसी कोई यादगार नहीं बल्कि उन्हें मार दिया गया। आजम ने कहा कि बापू को मारने वालों को भी इज्जत दी जाने लगी है, इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है।
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जेएनयू मामले में ये बोले आजम

आजम ने देश के हालात और कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई और कहा कि अगर यहां दंगे हुए तो कौन रोक पाएगा।

आजम ने हार्दिक पटेल की तरफदारी की और कहा कि हार्दिक पटेल को फांसी के तख्ते पर चढ़ाने की पूरी तैयारी है। उन्होंने कहा कि हार्दिक पर जो मुकदमा है वो इमरजेंसी के जमाने में जार्ज फर्नांडिस पर था। अगर राजनीति क्रांति न आई होती तो जॉर्ज फर्नांडिस को फांसी हो जाती। अब यही इंतजाम हार्दिक के लिए किया गया है।

आजम खां जेएनयू मामले में छात्रों पर वकीलों के हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा, उन बच्चों ने समाज से बगावत कर रखी है। जेएनयू का कल्चर अजीब है, मैं उनको बुरा नहीं कह रहा लेकिन वे लोग मजहब के नाम पर ठगने वाले लोगों से अच्छे हैं।

आजम ने सवाल उठाया कि अगर जेएनयू में कोई नारा लगा भी था तो क्या इसका मतलबकि हाईकोर्ट के वकील बच्चों पर हमला कर दें?
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