फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम ने क्यों दी 'झाड़ू',‘आप’ में तो नहीं जा रहे!

Sun, 29 Mar 2015 03:18 PM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर विकास और संसदीय कार्यमंत्री आजम खां का विधायकों, मंत्रियों को दिया गया गिफ्ट पूरे प्रदेश में चर्चा में है। विधानमंडल सत्र के आखिरी दिन उन्होंने सभी विधायकों को तोहफे के रूप में एक शानदार बैग, झाड़ू, पेन और एक खत भेजा है। झाड़ू के साथ दिए गए अजीबो-गरीब तोहफे के सियासी लोग अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
विज्ञापन


विधानमंडल का सत्र 18 फरवरी से 26 मार्च तक चला। आखिरी दिन आजम खां की तरफ से विधायकों को गिफ्ट के रूप में एक बैग दिया गया है। कुछ विधायकों को यह बैग 26 मार्च को ही मिल गया, जबकि अधिकांश को 27 मार्च और कई को 28 मार्च को मिला।

विधायकों ने बैग खोला तो सरकार का तोहफा देखकर चौंक गए। चौंकना स्वाभाविक भी था। अमेरिकन टूरिस्टर स्ट्रॉली बैग में तोहफे के रूप में  झाड़ू, पेन और आजम खां की एक चिट्ठी जो मिली है।
विज्ञापन

तोहफे के साथ आजम ने भेजी ये चिट्ठी

चिट्ठी में आजम खां ने विधायकों से कहा है, मुझे आपने देखा भी है, परखा भी है। मैं वो नहीं हूं जो फिजाएं कहती हैं, मैं तो वो हूं जो आपका धड़कता हुआ दिल कहता है। मुझे मालूम है, आप सच्चे हैं और सच की परख आपको खूब है।

उन्होंने खत में तीन शेर भी लिखे हैं।संसदीय कार्यमंत्री के इस खत की शनिवार को प्रदेश की सियासत में खूब चर्चा रही। विधायक और मंत्री एक-दूसरे को फोन करके पूछते रहे कि उन्हें आजम खां की झाड़ू मिली या नहीं ?

कुछ विधायकों और मंत्रियों को लगा कि कहीं चुनिंदा लोगों को ही ‘झाड़ू’ तो नहीं दी गई है। बाद में पता लगा कि झाड़ू वाला तोहफा सभी विधायकों को भेजा गया है।

सत्ता पक्ष के एक विधायक का कहना है कि देश में कुछ महीनों में झाड़ू बड़ी चर्चा में रही है। राजनीति, कला, फिल्म, साहित्य, खेल समेत सभी क्षेत्रों के वीआईपी के हाथों में झाड़ू आई।

उन्होंने मोदी के सफाई अभियान में झाड़ू चलाई। खुद मोदी ने दिल्ली में झाड़ू चलाई। विधानसभा चुनाव आए तो दिल्ली की जनता ने भाजपा पर ही झाड़ू चलाकर ‘आप’ की सरकार बना दी। अब आजम खां ने विधायकों अपने तोहफे के जरिये अपने साथ ही झाड़ू को चर्चा में ला दिया।

आजम खां को सुर्खियों में रहने का शौक है

आपके समक्ष दो उपहार (झाड़ू व पेन) और हैं। तय कर लें, इनमें से कौन सा उपहार समाज के कोढ़ को दूर सकता है और कौन आपको याद दिलाता है कि फकत नारे बीमार समाज का इलाज नहीं कर सकते। आजम खां, विधायकों को भेजे गए खत में।

प्रतिपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आजम खां को सुर्खियो में रहने का शौक है। जहां तक झाड़ू व कलम की बात है, इसमें कोई दो राय नहीं कि उन्होंने विशेष प्रकार से अपने मन की बात सार्वजनिक करने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का जो नाटक किया था, यह उस पर व्यंग्य है। आजम ने बड़ी चालाकी से मोदी पर तंज कसा है।

वहीं कांग्रेस के विधायक नदीम जावेद का कहना है कि आजम का गिफ्ट सपा और भाजपा की अंदरूनी मिलीभगत का साफ संकेत है। झाड़ू और कलम उन्होंने अटैची में रखकर दिए हैं ताकि किसी को पता न लग सके। सपा-भाजपा का गठबंधन भी ऐसा ही है जो पर्दे के पीछे है।
विज्ञापन

‘आप’ में तो नहीं जा रहे आजम

रालोद के विधायक वीरपाल राठी का कहना है कि झाड़ू का गिफ्ट मिला तो अचरज हुआ। मोदी ने लोगों ने हाथ में झाड़ू दी है तो आजम खां ने विधायकों के हाथ में झाड़ू थमा दी। लगता है कि मोदी किसानों और देश की जनता पर और आजम खां सपा सरकार पर झाड़ू फेरना चाहते हैं। विपक्ष में हाथ में यह झाड़ू सरकार की गंदगी साफ करने के काम आएगी।

चूंकि गिफ्ट आजम खां ने दिया है इसलिए सपा विधायकों और मंत्रियों ने इसमें शामिल झाड़ू पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। हालांकि वे इसे मोदी के सफाई अभियान पर तेज के तौर पर देख रहे हैं।

उनका कहना है कि आजम ने विधायकों के सामने झाड़ू और कलम का विकल्प दिया है। उन्होंने विधायकों से उनमें से एक को चुनने का हक दिया है। हालांकि सपा के एक विधायक  ने चुस्की ली, कहीं आजम साहब आम आदमी पाटी (आप) में तो नहीं जा रहे ? वह सरकार पर भी झाड़ू चला सकते हैं और विपक्षी दलों पर भी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें