राष्ट्रीय उलमा काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री आजम खां को अपनी सरकार पर ही भरोसा नहीं है।
इसी से वे दादरी कांड पर यूएनओ को पत्र लिख रहे हैं। वे संघ परिवार को दोषी ठहराकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। आजम अवाम को गुमराह कर रहे हैं।
लखनऊ में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि दादरी कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने दिनों तक खामोश क्यों रहे, जबकि उनकी ही पार्टी के नेताओं ने वहां पर खूब भड़काऊ बयान दिए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रधानमंत्री ने मौन धारण कर अपने नेताओं को खुली छूट दे दी है।
मौलाना आमिर रशादी ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि सूबे की स्थिति काफी खराब है। अफवाह फैलाकर इकलाख की हत्या कर दी जाती है। इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है।
प्रदेश सरकार ने इस मामले में केंद्र सरकार को जो रिपोर्ट भेजी है, वह पूरी तरह भ्रमित करने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकारें यह नहीं तय कर सकती हैं कि क्या खाया जाए और क्या न खाया जाए। यह खान-पान जैसे मौलिक अधिकारों का हनन है।