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आजम का आरोप, 'जव्वाद ने बेची वक्फ की जमीन'

Fri, 08 Aug 2014 03:32 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद पर नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां के हमले लगातार जारी हैं। गुरुवार को उन्होंने कहा कि वक्फ विभाग की जानकारी में है कि धर्मगुरु ने मुतवल्ली रहते हुए आलमनगर के वक्फ सज्जादिया की 22 बीघा जमीन प्लॉटिंग करके बेची है और इसका पैसा कहां गया है?
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मौलाना कल्बे जव्वाद का नाम लिए बिना आजम खां ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के लुटेरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है तो ये तथाकथित धर्मगुरु परेशान क्यों हो रहे हैं। इसे कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका।

जव्वाद, केसरिया महाशय

आजम ने धर्मगुरु पर आरएसएस और भाजपा के लोगों को घर में बुलाकर चाय-नाश्ता कराने का आरोप भी लगाया। आजम ने कहा कि ऐसे धर्मगुरु के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने मौलाना जव्वाद को धर्म का चोला पहने वाले केसरिया महाशय की संज्ञा देते हुए कहा कि फासिस्ट ताकतों के ये सहयोगी मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।

आजम ने जव्वाद से अपील की है कि वे शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव होने दें ताकि उन्हें अपनी हैसियत का पता लग सके। उन्हें अहसास हो जाए कि वे कहां खड़े हैं और वक्फ के लुटेरों का सुराग लग सके।

धर्मगुरू के बहनोई ने शिया जायदाद को लूटा

इसके पहले मंगलवार को आजम ने कल्बे जव्वाद के बारे में कहा कि ‘...वाह! धर्मगुरु, झोली में 14 मेंबर हैं नहीं और बने फिरते हैं ठेकेदार, जरा चुनाव होने दीजिए, फिर मालूम होगा कि धर्मगुरु के बहनोई ने शिया जायदादों को कितना लूटा है।

आजम खां ने जव्वाद पर कौम को बेचने का आरोप लगाया था।
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चुनाव के लिए एक भी अच्छा आदमी नहीं

आजम ने कहा कि यदि धर्मगुरु के पास एक भी अच्छा व्यक्ति चुनाव लड़ाकर जिताने के लिए नहीं है तो ऐसे व्यक्ति को धर्मगुरु कहलाने का क्या अधिकार है?

उन्होंने मौलाना का नाम लिए बगैर कहा कि तथाकथित धर्मगुरु के बहनोई और चहेतों के अध्यक्ष रहते जितनी वक्फ जायदादों की लूट हुई, उतनी पहले कभी नहीं हुई।
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