डॉ. धर्म सिंह सैनी फाइल फोटो
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प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष विभाग डॉ. धर्म सिंह सैनी ने कहा है कि योग को जनआंदोलन बनाना होगा। हमें अपने साथ-साथ पड़ोसियों को, महिलाओं को, बच्चों को सभी को योग करने के लिए प्रेरित करना होगा। क्योंकि हम कोई भी दवा बीमार होने पर लेते हैं। किंतु योग ऐसी विधा है जो बीमारी को पैदा होने से ही रोकती है। वे लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विश्व में भारतीय चिकित्सा पद्धति सर्वोत्तम है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। खास ये कि जो डॉक्टर लोगों की चिकित्सा करते हैं वे भी खुद को योग से ही स्वस्थ रखते हैं। पीएम मोदी ने केंद्र में और सीएम योगी ने राज्य में आयुष को अलग विभाग बनाकर एक अलग पहचान दी है। पहले चिकित्सा शिक्षा में होने पर इसके बारे में पता ही नहीं चलता था। बजट का भी अभाव ही रहता था।
उन्होंने बताया कि जल्द ही योग नियमावली भी स्वीकृत होने वाली है। आयुष विश्वविद्यालय के बजट में 10 करोड़ टोकन मनी का प्रावधान किया गया है। जल्द ही यह और विस्तार लेगा। इससे पहले लविवि कार्य परिषद सदस्य अनिल सिंह ने कहा कि योग को और लोगों के बीच ले जाने और अलग से आयुष निदेशालय बनाने की जरूरत है। पूर्व निदेशक पटेल इंस्टीट्यूट दिल्ली विश्व विद्यालय डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि योग के लिए एक अच्छे शिक्षक की जरूरत होती है।
कार्यक्रम का आयोजन मानव चेतना एवं योगिक विज्ञान संस्थान लविवि, यूपी नेचुरोपैथी एंड योग टीचर्स एंड फिजीशियन एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। कार्यक्रम का संचालन व अतिथियों का स्वागत डॉ. अमरजीत यादव व धन्यवाद प्रति कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर विशेष सचिव यतींद्र मोहन, विशेष सचिव आरएन बाजपेई, प्रो. एसएन सिंह निदेशक आयुर्वेद सेवाएं आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।