रानोपाली में शहीद के घर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट सत्य प्रकाश सिंह और सीओ
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में रविवार को हुए नक्सली हमले में अयोध्या के रानोपाली गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान राजकुमार यादव (43) शहीद हो गए। यह खबर सुनते ही शहीद के गांव में मातम छा गया। अयोध्या पुलिस शहीद राजकुमार यादव का घर खोजते खोजते रानो पाली पहुंची तो शहीद की पत्नी ज्ञानमती ने फोटो देखकर पहचाना। पति के शहीद होने की खबर मिलते ही पत्नी बेसुध हो गई। डीएम अनुज कुमार झा व एसएसपी शैलेश पांडेय भी शहीद के घर पहुंचे।
शहीद के बूढ़े मां बाप को जब यह खबर मिली तो वे बदहवास हो उठे। शहीद के पिता सूरज लाल यादव ने बताया कि उनका बेटा 1995 में सीआरपीएफ में शामिल हुआ था। बचपन से ही उसे देश की सेवा करने की लगन थी। यह बताते बताते वह मूर्छित से हो गए। शहीद राजकुमार तीन भाइयों ने सबसे बड़े थे। उसकी पत्नी और दो बच्चे भी हैं। दोनों अयोध्या एकेडमी में पढ़ाई करते हैं। उधर, राजकुमार के शहीद होने की खबर मिलते ही उनके घर लोगों का तांता लग गया। अब सभी को राजकुमार का पार्थिव शरीर घर आने का इंतजार है।
सीएम योगी दुखी, अयोध्या व चंदौली के शहीदों के परिजनों को 50-50 लाख की मदद
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में जवानों की शहादत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। हमले में अयोध्या के राजकुमार यादव और चंदौली के धर्मदेव कुमार शहीद हो गए। सीएम ने इन्हें श्रद्धांजलि देते हुए शहीद के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और शहीद के गृह जिले में उसके नाम पर एक सड़क का नामकरण करने की घोषणा की है।