सुन्नी वक्फ बोर्ड कोर्ट के फैसले पर कोई पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगा। बोर्ड ने कहा कि मामले पर अगर कोई याचिका दायर करता है तो इसे बोर्ड की तरफ से न माना जाए।
आगरा में एत्माददौला स्मारक पर रोजाना की अपेक्षा देशी पर्यटकों के बजाए विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत है। यह फैसला बहुत संतुलित है। दोनों संप्रदाय के हितों में है। इससे दोनों पक्षों की जीत हुई है और सालों से चले आ रहे विवाद का खात्मा भी हुआ है। मुझे लगता है कि अब इसमें कोई अपील भी नहीं की जानी चाहिए।
- मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, राष्ट्रीय महासचिव तंजीम उलमा इस्लाम
सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हर देशवासी के लिए मान्य है। इस ऐतिहासिक फैसले से उम्मीद करता हूं कि हर धर्म, हर जात ने इस तहेदिल से कुबूल किया है। यह फैसला मुल्क की बेहतरी, सुकून और शांति के लिए बेहतर कदम साबित होगा।
- अलहाज मुमताज मियां, खानकाह शराफत मियां
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई एतराज नहीं है। मुझे लगता है कि यह फैसला सभी को मानना चाहिए। हमने तो पहले ही कहा था कि जो फैसला आएगा उसका सम्मान करेंगे। हिंदुस्तान में भाईचारा कायम रहे यह जरूरी है। कोई किसी को उकसाने का काम न करे जिससे भाईचारगी पर आंच आए।
- मुफ्ती खुर्शीद आलम रजवी, बरेली शाही जामा मस्जिद के शहर इमाम
विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ़्ती अबुल कासिम नौमानी बनारसी ने शनिवार को अयोध्या मसले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि बाबरी मस्जिद के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला सामने आया है ये हमारे लिए हैरतअंगेज और समझ से परे है। मौलाना मुफ़्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि इस कद्र स्पष्ट सबूतों के बावजूद ये फैसला अकल में आने वाला नहीं है। दूसरी बात ये की मुकदमा विवादित भूमि पर मालिकाना हक का था। कोर्ट ने ये स्पष्ट नहीं किया कि जमीन का मालिक कौन है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि दशकों पुराने मामले के निपटारे के लिए सर्वोच्च न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है। हम सभी को इसे तहेदिल से स्वीकार और इसका सम्मान करना चाहिए। अपने मुल्क की एकता, सौहार्द, भाईचारे की ताकत को मजबूत करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगोंं से अपील की। उन्होंने कहा, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत है, देश की एकता व सद्भाव बनाए रखने में सभी सहयोग करें, उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सद्भाव का वातावरण बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुरादाबाद के युवक ने फैसले को लेकर एक विवादित पोस्ट की है। पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का साइबर सेल आईपी एड्रेस के जरिए पोस्ट करने वाले कि तलाश कर रहा है।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रामपुर में स्थिति सामान्य बनी हुई है। फैसले के मद्देनजर शनिवार की सुबह से सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस तैनात रही। पुलिस ने सुबह के वक्त ही सभी दुकानों को बंद करा दिया गया। चाय-पान की दुकानें भी बंद करा दी गईं। हाईवे के किनारे से फल विक्रेताओं को भी हटा दिया गया। वहीं पुराने शहर में दुकानें खुली रहीं। जिले के अन्य कस्बों में भी स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस के अधिकारी गश्त कर रहे हैं। लोगों से सौदार्ह बनाए रखने की अपील की जा रही है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी जा रही है। जिले में अभी तक इंटरनेट सहित अन्य सभी सेवाएं बहाल हैं। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह और एसपी डॉ. अजयपाल पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सोशल मीडिया की तीन स्तरों पर मानिटरिंग की जा रही है। सोशल मीडिया पर पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस का सोशल मीडिया सेल और प्रशासन भी नजर रखे हुए हैं। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर पुलिस तैनात है। जीआरपीए और आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया है। रेल पटरियों का भी निरीक्षण किया गया है।
सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता अभी अपने घरों में हैं। सांसद आजम खां अपने घर के अंदर ही हैं। अभी वह बाहर नहीं निकले हैं। इस फैसले को लेकर आजम खां ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अपील की है। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद लोगों से शांति की अपील की है। साधु संतों से भी फैसले का सम्मान करने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि देश में अमन चैन और आपसी भाईचारा कायम रहे। अयोध्या पर फैसला आने के बाद अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी हरिद्वार में
साधु संतों के साथ बैठक करेंगे।
वहीं, गोरखपुर के सहजनवां इलाके के ग्राम भरपही निवासी शकील अहमद उर्फ छोटानी पुत्र हुक्म अली विवादित ऑडियो वाट्सएप पर पावर जंक्नश ग्रुप पर चला रहे थे। यही ग्रुप एडमिन है। साइबर टीम के निगरानी में सहजनवां थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस ने हिरासत में लिया। अयोध्या पर फैसला आने के बाद गोलघर में आईजी जय नरायण सिंह, कमिश्नर जयन्त नार्लीकर, एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, एसपीसिटी डॉक्टर कौस्तुभ और अन्य अधिकारियों ने पैदल मार्च किया।
अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कुछ लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। मेरठ में इस संबंध में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया जबकि बागपत जनपद में एक युवक ने जमकर हंगामा काटा। मेरठ में फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में सिविल लाइन थाने की पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक लक्ष्मण शर्मा है। वह मूल रूप से मथुरा में थाना नौहझील के ग्राम भगवान गढ़ी का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, नौचंदी थाने की पुलिस ने अदालत का फैसला आने के बाद धारा 144 का उल्लंघन करते हुए आतिशबाजी करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा ब्रह्मपुरी क्षेत्र में पुलिस ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यालय को सील करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा को नजरबंद कर दिया है। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि मेरठ में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है , शांति व्यवस्था बनी हुई है।
फैसले पर इकबाल अंसारी ने कहा कि हम सर्वोच्च अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। हमने पहले भी कहा था कि अदालत का फैसला मानेंगे। आज भी कह रहे हैं कि हम इसे मानते हैं। अब देखना है कि सरकार हमें मस्जिद निर्माण के लिए कहां जगह मिलती है। फिलहाल अदालत के इस निर्णय से एक बहुत बड़ा मसला हल हो गया है।
राजधानी लखनऊ में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने आतिशबाजी पर रोक लगाई है। SSP ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को आतिशबाजी बंद कराने के निर्देश दिए हैं। साथ कहा है कि कही भी आतिशबाजी हुई थी उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
गोरखनाथ मंदिर में भी कड़ी सुरक्षा है। सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करने आए परिवार अपनी यादों को ताजा करने के लिए सेल्फी ले रहे हैं।
पीपीगंज पुलिस लोगों से अपील और बात करती हुई। फैसले पर खुशी घर के अंदर मनाएं। मिर्जापुर चौराहे पर दवा की दुकान पर भीड़ लगी है।महराजगंज में सरहद पर सुरक्षा को लेकर पुलिस और एसएसबी ने सरहदी गांव सहित सीमा पर चौकसी तेज की, सुकरौली जुगोली भगवानपुर श्याम काट सहित पगडंडियों पर पेट्रोलिंग तेज हो गई। गोरखपुर के सहजनवां के गोरखपुर से अयोध्या जाने वाली ट्रेन सहजनवां रेलवे स्टेशन पर मात्र अयोध्या के लिए एक टिकट बिका। पूरी ट्रेन खाली रही। गोरखनाथ मंदिर के पीछे रसूलपुर में तैनात पुलिसकर्मी और विभिन्न सुरक्षा समितियों के सदस्य
यूपी के इटावा जिले में सीओ सिटी ने शहर में नया शहर चौराहा , तकिया, सबीतगंज, नोरंगबाद रोड समेत प्रमुख मार्गों के बाजार बंद कराए। 10 बजे खुलता है बाजार। दुकानदारों से सीओ ने दुकाने न खोलने का अनुरोध किया। दुकानदारों ने भी पुलिस का सहयोग कर दुकाने नहीं खोली।
महराजगंज के नगर के सक्सेना चौक पर स्थित मस्जिद के सामने तैनात व्रज वाहन व पुलिस कर्मी, लोग आपस मे बैठक चर्चा कर रहे हैं। संतकबीरनगर में अधिकांश दुकानें खुली है लेकिन कही कही दुकानें बंद भी है। एडीएम और एएसपी की अगुआई में पुलिस ने शहर में पैदल मार्च निकाला है।
चीफ जस्टिस ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि अदालत को लोगों की आस्था को स्वीकार करना होगा। अदालत को संतुलन बनाना होगा। निर्मोही अखाड़े के दावे पर फैसला सुनाते हुए शीर्ष अदालत ने पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पर भरोसा जताया। कोर्ट ने कहा कि इस पर शक नहीं किया जा सकता। साथ ही पुरातत्व विभाग की खोज को नजरअंदाज करना मुश्किल है।
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद में बहुप्रतीक्षित एतिहासिक फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने अपने फैसले में शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में विवादित जमीन सरकारी जमीन के नाम पर दर्ज है।
अयोध्या फैसले को लेकर महराजगंज नगर में शांति का माहौल है, बस स्टेशन पर सुचारू रूप से बस सेवाएं जारी हैं। पश्चिमी यूपी में फैसले को देखते हुए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए हैं। मेरठ शहर को आठ जोन और 31 सेक्टरों में बांटा गया है। जुलूस व किसी भी प्रकार की आतिशबाजी पर रोक लगाई गई है। सुबह से ही अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ फील्ड पर हैं। शहर से लेकर देहात तक पुलिस बल तैनात है। सहारनपुर में धारा 144 लागू की गई है। वहीं शामली जिले में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। यहां थानाभवन क्षेत्र में इंटरनेट स्पीड धीमी कर दी गई है। वहीं, वाराणसी में अयोध्या फैसला आने के पहले सुरक्षा का व्यापक इंतजाम चौराहों से लेकर गलियों तक पुलिस का पहरे में किया गया। फैसला जानने के लिए बेताब बने लोग टीवी चैनलों के सामने बैठकर फैसला आने को लेकर चर्चा में जुटे हैं।
अयोध्या फैसले को लेकर सुबह से ही अलीगढ़ में हाई अलर्ट। चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात, अधिकारी ले रहे मिश्रित आबादी वाले इलाकों का जायजा। स्कूल कॉलेज बंद, इंटरनेट सेवाएं बंद, अधिकारी लगातार कर रहे अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर बयानबाजी न करने की अपील। बाजार में अचानक राशन की खरीदारी बढ़ी। इसे लेकर प्रशासन की टीम कालाबाजारी और अधिक वसूली पर भी निगरानी बनाये हुए है। बाजारों में सामान्य दिनों की तरह भीड़। लोग फैसले को लेकर उत्सुक जरूर हैं। डीएम-एसएसपी और शहर के धर्मगुरु लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं। तरह तरह से भिजवाए जा रहे संदेश। शहर में पुलिस, पीएसी, आरएएफ, पैरामिलिट्री भी सक्रिय। एएमयू में भी कड़ी निगरानी। एक कंपनी आरएएफ तैनात।
गोरखपुर लखनऊ फोर लेन बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी 112 पहुंचे। राज्य कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश में नज़र रखेंगे।
अयोध्या विवाद के फैसले को लेकर सुबह से कौतूहल कायम है। बस्ती में सड़कों पर अपेक्षाकृत कम आवागमन देखा गया। अयोध्या की तरफ कोई वाहन नहीं जाने दिया जा रहा है। फुटहिया, बडेवन से वाहन डायवर्ट किये जा रहे हैं। शहर के अलावा कस्बों, बाजारों में लोगों में रोमांच देखा जा रहा है। डीएम आशुतोष निरंजन, एसपी हेमराज मीणा पूरी हरकत पर नजर लगाए हुए हैं। कलवारी से लेकर बीडी बंधे के एरिया तक सरयू नदी में निगरानी की जा रही है। सभी धर्मस्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी थानों के अलावा कंट्रोल रूम, एसपी दफ्तर, पुलिस लाइंस पर क्यूआरटी तैनात है। एन्टी रायड अक्यूपमेंट्स लेकर पुलिस की गाड़ियां मूवमेंट कर रही हैं।
योगी आदित्यनाथ सीएम आवास से निकले, डायल 112 केंद्र जा रहे हैं।
सीएम योगी से लखनऊ में डीजीपी ओपी सिंह ने मुलाकात की। डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि अयोध्या शहर में सब कुछ सामान्य है।
अयोध्या में किसी भी तरह के वाहन के घुसने पर रोक है। हनुमानगढ़ी में आम दिनों की तरह माहौल है। सुबह 4:00 बजे आरती हुई। 8:00 बजे के आसपास की दुकानें भी खुल गई। भक्तों का आना-जाना भी सामान्य दिनों की तरह रहा, लेकिन संख्या काफी कम है।
नगर में लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की जा रही है। साधु संत व मुस्लिम समाज के लोग एक दूसरे से मिल रहे हैं। इस मौके पर बाबरी मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी ने लोगों से अपील की कि फैसला कुछ भी आए शांति व सदभाव बनाए रखें।
नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर में आम दिनों की तरह ही माहौल है। सुबह 4:00 बजे आरती हुई। 8:00 बजे के आसपास दुकानें भी खुल गईं।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट अब से कुछ देर में फैसला आने वाला है। इसको लेकर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। अयोध्या में 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से चप्प-चप्पे पर निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।
अयोध्या में किसी भी तरह के वाहन के घुसने पर रोक है। हनुमानगढ़ी में आम दिनों की तरह माहौल है। सुबह 4:00 बजे आरती हुई। 8:00 बजे के आसपास की दुकानें भी खुल गई। भक्तों का आना-जाना भी सामान्य दिनों की तरह रहा, लेकिन संख्या काफी कम है।
लगातार जनपद में सौहार्द की अपील हो रही है। दोनों समुदायों के लोग आम जनमानस से अपील कर रहे हैं। फैसला कुछ भी हो, लेकिन आपसी सौहार्द और प्रेम भाईचारा बना रहे। जिला प्रशासन भी लगातार कर रहा लोगों से अपील कर रहा है। पक्षकार व सभी धर्मों के धर्मगुरु साधु संत भी कर रहे सौहार्द की अपील कर रहे हैं।
वहीं, डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसे लेकर सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। अयोध्या समेत अन्य संवेदनशील जिलों में अधिकारियों को सुरक्षा संबंधी सारे इंतजाम चौकस रखने को कहा गया है और सभी जिलों में किसी तरह की अप्रिय घटना न होने देने की ताकीद की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है।