सूत्रों के अनुसार पहले दिन जिन प्रमुख अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया, उनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में चर्चित राजेश पांडेय तथा जौनपुर के पूर्व जिलाधिकारी दिनेश चंद्र शामिल रहे। इसके अलावा अयोध्या के डीएम रहे योगेश्वर राम मिश्रा का भी साक्षात्कार हुआ। एक महिला अधिकारी का भी इंटरव्यू हुआ। पूर्व आईएएस और सैन्य पृष्ठभूमि के अन्य अधिकारियों ने भी साक्षात्कार दिया। हालांकि इसको लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से सामान्य प्रशासन, वित्त, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था में कम से कम 20 वर्ष के अनुभव की जानकारी मांगी गई थी। सीईओ चयन के लिए 18 अभ्यर्थियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा, जिनका अंतिम इंटरव्यू श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा। ट्रस्ट की अंतिम स्वीकृति के बाद एक अभ्यर्थी को राम मंदिर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए 50 से 70 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की है। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे कार्य प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।