मंदिर के ऊपरी हिस्से पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें गिरीं। यहां से परावर्तित होकर पीतल के पाइप में पहुंचीं। पाइप में लगे दर्पण से टकराकर किरणें 90 डिग्री कोण में बदल गई। लंबवत पीतल के पाइप में लगे तीन लेंसों से किरणें आगे बढ़ते हुए गर्भगृह में लगे दर्पण से टकराई।यहां से 90 डिग्री का कोण बनाकर 75 मिलीमीटर टीके के रूप में रामलला के ललाट को सुशोभित किया।
रामनवमी पर्व की पूर्व संध्या पर अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। आरपीएफ के जवानों ने शनिवार को इंस्पेक्टर यशवंत सिंह के नेतृत्व में स्टेशन परिसर में फ्लैग मार्च कर यात्रियों में सुरक्षा का अहसास कराया।
स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 200 आरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। यात्रियों के प्रवेश के लिए तीन एंट्री गेट बनाए गए हैं, जबकि निकासी के लिए दो गेट और एक आपातकालीन गेट निर्धारित किया गया है। पूरे स्टेशन परिसर में 235 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। किसी भी यात्री को ट्रैक पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशन के पास तीन होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं, जहां भीड़ अधिक होने पर यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका जाएगा और फिर क्रमबद्ध तरीके से स्टेशन में प्रवेश दिया जाएगा। इंस्पेक्टर यशवंत सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। रामनवमी मेले को लेकर अयोध्या रेलवे स्टेशन पूरी तरह तैयार है और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
रामनवमी मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टरों में विभाजित करते हुए मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसरों की तैनाती कर दी गई है। रामनवमी मेला व श्रीराम जन्मोत्सव के दौरान अयोध्या आ रहे श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसको ध्यान में रखते हुए सभी प्रबंध किए गए हैं।
कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि महाकुंभ के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए किए गए नवाचारों से अनुभव लेते हुए भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं को धूप व गर्मी से बचाने के लिए राम मंदिर व हनुमानगढ़ी दर्शन मार्ग सहित अयोध्या धाम के प्रमुख स्थलों पर छाया के लिए छाजन व दरी की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल सभी प्रमुख स्थलों पर उपलब्ध पर रहे, यह भी सुनिश्चित कराया गया है।
अयोध्या मेला क्षेत्र को जोन व सेक्टर में बांटकर जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट व इनके काउंटर पार्ट पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। गर्मी को देखते हुए इन सभी अधिकारियों के पास व मेला क्षेत्र में बनाए गए सभी अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस की भी व्यवस्था की गई है। अयोध्या धाम के मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 स्थानों पर अस्थायी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाते हुए वहां पर पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
इसी तरह सात स्थानों पर 108 एम्बुलेंस की भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है, जिससे कि आकस्मिक स्थिति में इनका तत्काल उपयोग किया जा सके। मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम की ओर से सफाई कर्मियों की टीम तैनात करते हुए सुबह, दोपहर व शाम को नियमित सफाई के लिए निर्देशित किया गया है।
राम नवमी के मौके पर अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद मंदिर दर्शन करने पहुंचे। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे नाम में ही राम का नाम है। मेरे परिवार के कई लोगों के नाम में राम है। मेरा इस मंदिर से रिश्ता आज का नहीं है। जब मैं यहां पढ़ाई करता था तब से प्रभु के दर्शन के लिए यहां आया करता था।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि मैं अपने को मैं सौभाग्यशाली मानता हूं कि मेरा जन्म यहीं हुआ। मेरा बाबा, पिता और भाई सबके नाम में राम का नाम है। राम की कृपा से ही मैं अयोध्या से सांसद हूं। उसकी चर्चा पूरी दुनिया में है।