फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले का संतों ने किया स्वागत, कहा- अयोध्या ने पूरी दुनिया को दिया संदेश

Wed, 27 Nov 2019 03:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
विज्ञापन
1 of 5
महंत नृत्यगोपाल दास व महंत दिनेंद्रदास - फोटो : amar ujala
राममंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका न दाखिल करने के सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के एलान का अयोध्या के संतों ने स्वागत किया है। संत-धर्माचार्यों ने मुस्लिम पक्ष के रुख की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बार फिर अयोध्या से सौहार्द का संदेश पूरे विश्व को गया है।

मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी बोर्ड के फैसले का स्वागत किया है, हालांकि दूसरे पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि वे पुनर्विचार याचिका करने के ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्णय के साथ हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का रुख प्रशंसनीय : नृत्यगोपाल दास 

2 of 5
नृत्यगाोपाल दास  - फोटो : अमर उजाला
रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास ने कहा यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के रुख से स्पष्ट हो गया है कि न केवल सुप्रीम कोर्ट, बल्कि पूरा देश राममंदिर के हक में खड़ा है।
विज्ञापन

बोर्ड का यह रुख सुखद : दिनेंद्रदास 

3 of 5
महंत दिनेंद्रदास - फोटो : amar ujala
निर्मोही अखाड़ा के महंत व हिंदू पक्षकार दिनेंद्रदास के अनुसार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का यह रुख अत्यंत सुखद है। अब रामलला के मंदिर की राह मे कोई रोड़ा नहीं है। मुस्लिमों ने फैसले को स्वीकार कर यह जता दिया कि वे सांप्रदायिक भेदभाव से ऊपर देश के जिम्मेदार नागरिक हैं। 

विवाद नहीं अब सौहार्द का समय : शरद शर्मा
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि अब विवाद का नहीं, बल्कि सौहार्द का समय है। मुस्लिम पक्ष ने इस सच्चाई को समझा इसके लिए हम सभी भारतवासी उनके प्रति कृतज्ञ हैं। अब बस ट्रस्ट बनने की देरी है, राममंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। 

हम पुनर्विचार याचिका करने के निर्णय पर कायम : हाजी

4 of 5
हाजी महबूब - फोटो : amar ujala
 मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि मैं पुनर्विचार याचिका करने के ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्णय के साथ हूं। बोर्ड ने जो निर्णय लिया है उसमें कोई बुराई नही है। हमें तो शांति और तरक्की चाहिए, अयोध्या ने हमेशा सबको शांति का पैगाम दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इकबाल अंसारी - फोटो : amar ujala
बोर्ड के रुख का स्वागत : इकबाल
इकबाल अंसारी ने भी बोर्ड के रुख का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हम पहले भी कहते रहें हैं कि अब इस मामले को और आगे बढ़ाने की जरूरत नही है। कोर्ट ने जो निर्णय दे दिया वह हम सभी को मानना चाहिए। जरूरी चीज है कि अमन-ओ-चैन बना रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें