महंत दिनेंद्रदास
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निर्मोही अखाड़ा के महंत व हिंदू पक्षकार दिनेंद्रदास के अनुसार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का यह रुख अत्यंत सुखद है। अब रामलला के मंदिर की राह मे कोई रोड़ा नहीं है। मुस्लिमों ने फैसले को स्वीकार कर यह जता दिया कि वे सांप्रदायिक भेदभाव से ऊपर देश के जिम्मेदार नागरिक हैं।
विवाद नहीं अब सौहार्द का समय : शरद शर्मा
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि अब विवाद का नहीं, बल्कि सौहार्द का समय है। मुस्लिम पक्ष ने इस सच्चाई को समझा इसके लिए हम सभी भारतवासी उनके प्रति कृतज्ञ हैं। अब बस ट्रस्ट बनने की देरी है, राममंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।