लखनऊ। राजधानी के अवध बस डिपो पर दिन के 2:08 बजे पूछताछ काउंटर पर यात्री खड़े दिखे। क्योंकि यात्रियों को यहां से गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ की बसें नहीं मिलीं। इस पर यात्रियों को अहिमामऊ व आलमबाग बस स्टैंड जाने की सलाह दी गई। यात्री बाहर निकले तो प्राइवेट बस व टैक्सी चालक दोगुना से अधिक किराया वसूलते दिखे।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए बाराबंकी से रूट डायवर्ट कर दिया गया है। अयोध्या की तरफ वाहनों की आवाजाही पर रोक है। इसका असर जिले के अवध बस डिपो के यात्रियों पर पड़ रहा है। 28 जनवरी से गोरखपुर समेत पूर्वांचल के जिलों को जाने वाली रोडवेज की सुविधा ठप है। गोरखपुर, बस्ती व आजमगढ़ के यात्रियों को मुश्किलें हो रही हैं।
शुक्रवार को भी यात्रियों को अवध डिपो से मायूस होकर लौटना पड़ा। अवध बस डिपो के कर्मचारियों ने बताया कि महाकुंभ से पहले तक डिपो से करीब 150 से अधिक बसें रवाना हो रहीं थीं। मगर, अयोध्याधाम में प्रवेश पर रोक व रूट डायवर्जन के चलते सिर्फ इक्का-दुक्का बसें ही अयोध्या कैंट तक भेजी जा रही हैं।
गोंडा-बहराइच के यात्रियों के चेहरों पर दिखा सुकून
शुक्रवार को गोंडा, बहराइच के यात्रियों के चेहरे पर थोड़ा सुकून दिखाई दिया। कानपुर समेत अन्य जिलों के लिए बसें रवाना हुईं। दोपहर 2:30 बजे बहराइच के लिए एक बस पहुंची तो गेट खुलते ही खचाखच भर गई। गोंडा के मसकनवा गांव निवासी घनश्याम अपने परिजनों के साथ विवेकानंद अस्पताल में इलाज के लिए आए थे। मगर रोडवेज बस नहीं मिली तो प्राइवेट बस से जाना पड़ा।